Rajasthan

केवलादेव में सारस का जन्म

Last Updated:April 19, 2026, 09:04 IST

Keoladeo Saras Crane Breeding: भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में भारतीय सारस के एक दुर्लभ जोड़े ने एक स्वस्थ चूजे को जन्म दिया है. मार्च में हुए इस सफल प्रजनन को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. उद्यान में वर्तमान में सारस के केवल चार जोड़े हैं, जिससे इस नए सदस्य का महत्व बढ़ गया है. फिलहाल दूसरा अंडा भी सुरक्षित है और उससे चूजा निकलने का इंतजार है. वन विभाग की टीम चूजे की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी कर रही है.

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Keoladeo Saras Crane Breeding: भरतपुर के विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (घना) से प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है. उद्यान के सुरक्षित क्षेत्र में भारतीय सारस के एक दुर्लभ जोड़े के घोंसले से एक नन्हे चूजे का जन्म हुआ है. मार्च के महीने में सारस द्वारा अंडे देने और अब चूजे के बाहर आने की यह घटना इसलिए भी विशेष है, क्योंकि आमतौर पर यह समय इनके प्रजनन के लिए दुर्लभ माना जाता है. उद्यान प्रशासन के अनुसार केवलादेव में वर्तमान में भारतीय सारस के मात्र चार जोड़े ही मौजूद हैं, ऐसे में एक नए सदस्य का आगमन कुदरत का अनमोल उपहार है.

अंडे से बाहर निकले इस नन्हे मेहमान का रंग भूरा और सुनहरा है, जो घने पेड़ों के बीच अपनी कोमल उपस्थिति से पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है. चूजे के जन्म के बाद से ही वन विभाग की टीम और बर्ड वॉचर्स लगातार इस पर नजर बनाए हुए हैं. घना रेंजर परमिंदर सिंह ने जानकारी दी कि चूजा पूरी तरह स्वस्थ है और अपनी माँ की देखरेख में सुरक्षित है. प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र में मानवीय दखल पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है, ताकि नन्हे चूजे और अभी घोंसले में मौजूद दूसरे अंडे को किसी भी प्रकार का खतरा न हो.

संरक्षण प्रयासों की बड़ी जीतभारतीय सारस दुनिया के सबसे ऊँचे उड़ने वाले पक्षियों में शुमार है, लेकिन बदलती परिस्थितियों के कारण इनकी वैश्विक संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. केवलादेव जैसे सुरक्षित आवास में इनका सफल प्रजनन वन विभाग के संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है. रेंजर परमिंदर सिंह ने बताया कि घोंसले में एक और अंडा सुरक्षित है, जिससे जल्द ही दूसरा चूजा बाहर आने की उम्मीद है. यदि दूसरा अंडा भी सफल होता है, तो यह उद्यान के इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जाएगी.

पर्यटकों और पक्षी प्रेमियों में उत्साहइस खबर के फैलते ही केवलादेव में उत्साह का माहौल है. देश-दुनिया से आए बर्ड वॉचर्स इस दुर्लभ क्षण और नन्हे सारस की गतिविधियों को देखने के लिए उत्साहित हैं. वन विभाग ने चूजे की सुरक्षा के लिए विशेष गश्त बढ़ा दी है. यह न केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक सकारात्मक संकेत है, बल्कि प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की दिशा में एक उम्मीद भरी किरण भी है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें

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Location :

Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan

First Published :

April 19, 2026, 09:04 IST

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