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सबको नौकरी दूंगी…सबको नौकरी दूंगी… PAC पर ताला लगने से खफा ममता का ऐलान, इतना मोह क्‍यों?

IPac Connection with Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में IPAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) को लेकर बवाल मचा हुआ है. रविवार को तारकेश्वर में एक जनसभा से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हुंकार भरते हुए ऐलान किया है कि अगर IPAC के किसी भी कर्मचारी की नौकरी जाती है, तो वे खुद उन्हें नौकरी देंगी. ममता बनर्जी का यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिनमें दावा किया गया था कि IPAC बंगाल से अपना कामकाज समेट कर जा रही है.

तारकेश्वर की सभा में ममता बनर्जी काफी आक्रामक दिखीं. उन्होंने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, ‘बीजेपी के पास 50 एजेंसियां हैं, हमारे पास सिर्फ एक (IPAC) है. हमारे पास उतना पैसा नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप उन्हें डराएंगे. मैंने अभिषेक (बनर्जी) से बात की है, हम IPAC के किसी भी लड़के को नौकरी से हाथ नहीं धोने देंगे. अगर उन्हें निकाला गया, तो मैं उन्हें नौकरी दूंगी.’ ममता ने साफ किया कि ये लोग पार्टी के लिए काम करेंगे और उन्हें डराकर बंगाल से बाहर नहीं निकाला जा सकता.

IPAC के काम रोकने की खबरों का सच

दरअसल, एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि IPAC अगले 20 दिनों के लिए पश्चिम बंगाल में अपनी गतिविधियों को स्थगित कर रहा है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस खबर का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह आधारहीन बताया है. टीएमसी का कहना है कि जमीनी स्तर पर मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए यह एक सोची-समझी साजिश है. पार्टी ने स्पष्ट किया कि IPAC की टीम पूरी क्षमता के साथ राज्य में चुनावी प्रचार और रणनीतियों पर काम कर रही है.

क्या आप मुझे मारना चाहते हैं? ममता का सवाल

ममता बनर्जी ने केवल IPAC ही नहीं, बल्कि अपने सुरक्षाकर्मियों और आयकर सलाहकारों पर हो रही छापेमारी को लेकर भी केंद्र को घेरा. उन्होंने कहा, ‘मेरे इनकम टैक्स देखने वाले के घर रेड हुई, मेरे सुरक्षा अधिकारी के घर रेड हो रही है. क्या आप मुझे मारना चाहते हैं? क्या हत्या करके आप बंगाल पाना चाहते हैं? याद रखिए, हर केस का जवाब दिया जाएगा और किसी को बख्शा नहीं जाएगा.’

रणनीतिकारों से इतना मोह क्यों?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ममता बनर्जी आखिर एक प्राइवेट एजेंसी के लिए इतनी ढाल बनकर क्यों खड़ी हैं? इसका कारण 2021 के चुनाव हैं, जहां IPAC की रणनीति ने टीएमसी को बड़ी जीत दिलाने में मदद की थी. ममता जानती हैं कि चुनाव के ऐन वक्त पर रणनीतिक टीम का मनोबल गिरना पार्टी के लिए नुकसानदेह हो सकता है, इसीलिए उन्होंने सीधे तौर पर उनकी जिम्मेदारी उठाने का भरोसा दिया है.

सवाल-जवाब 1. ममता बनर्जी ने IPAC के कर्मचारियों को क्या बड़ा वादा किया है? ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि यदि IPAC के किसी भी कर्मचारी को डराकर नौकरी से निकाला जाता है या वे नौकरी खोते हैं, तो पश्चिम बंगाल सरकार और उनकी पार्टी उन्हें नौकरी देगी. उन्होंने कहा कि वे इन युवाओं को बेरोजगार नहीं होने देंगी.

2. IPAC को लेकर मीडिया में क्या खबर चल रही थी जिसका टीएमसी ने खंडन किया? दावा किया जा रहा था कि IPAC अगले 20 दिनों के लिए बंगाल में अपना काम बंद (सस्पेंड) कर रही है. टीएमसी ने इसे पूरी तरह ‘फेक न्यूज’ और जमीनी स्तर पर भ्रम फैलाने की साजिश बताया है.

3. ममता बनर्जी ने केंद्रीय एजेंसियों की छापेमारी पर क्या गंभीर आरोप लगाए? ममता बनर्जी ने कहा कि उनके इनकम टैक्स सलाहकार, सुरक्षा अधिकारी और उम्मीदवारों (देबाशीष कुमार) के घर रेड की जा रही है. उन्होंने सवाल पूछा कि क्या केंद्र उन्हें डराकर या उनकी हत्या करके बंगाल की सत्ता हासिल करना चाहता है.

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