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बीकानेर का पहला बैंक बना इतिहास, 1944 से SBI विलय तक का सफर, नाम मिटा पर पहचान आज भी जिंदा

Last Updated:April 21, 2026, 14:45 IST

Bikaner Bank History : बीकानेर का पहला बैंक “द बैंक ऑफ बीकानेर लिमिटेड” कभी शहर की आर्थिक पहचान हुआ करता था. 1944 में शुरू हुआ यह बैंक बाद में एसबीबीजे बना और 2017 में एसबीआई में विलय हो गया. नाम भले खत्म हो गया, लेकिन इस बैंक से जुड़ी यादें और गौरव आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं.

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बीकानेर : मरुधरा की इस ऐतिहासिक नगरी ने न सिर्फ अपनी संस्कृति और परंपराओं से पहचान बनाई, बल्कि आर्थिक क्षेत्र में भी एक समय पर मजबूत पकड़ रखी. इसका सबसे बड़ा उदाहरण है बीकानेर रियासत का पहला बैंक “द बैंक ऑफ बीकानेर लिमिटेड”, जिसकी स्थापना 30 दिसंबर 1944 को की गई थी. उस दौर में यह बैंक बीकानेर की आर्थिक धुरी बन गया था और व्यापारियों, किसानों व आमजन के लिए भरोसे का केंद्र बना.

इस बैंक की स्थापना बीकानेर के महाराजा, स्थानीय सेठ-साहूकारों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से हुई थी. उद्देश्य स्पष्ट था – रियासत के आर्थिक विकास को गति देना और लोगों को आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना. बैंक का मुख्यालय बीकानेर में था, जबकि इसकी शाखाएं राजस्थान के कई शहरों के साथ-साथ कलकत्ता जैसे बड़े व्यापारिक केंद्र में भी संचालित होती थीं. इससे यह साफ होता है कि बीकानेर उस समय व्यापारिक रूप से कितना समृद्ध और सक्रिय था.

करणी माता छवि वाले चेक, अनोखी पहचानइतिहासकार किशन सोनी के अनुसार, इस बैंक की एक खास पहचान उसके चेक पर छपी करणी माता की तस्वीर थी, जो बीकानेर की आस्था और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती थी. उनके पास आज भी इस बैंक से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों का संग्रह मौजूद है, जिसमें चेकबुक, पासबुक और खाता खोलने के फॉर्म शामिल हैं. ये दस्तावेज बीकानेर के बैंकिंग इतिहास की अमूल्य धरोहर है.

बैंक ऑफ बीकानेर बना SBBJ, मिली नई पहचानआजादी के बाद जब देश में बैंकिंग क्षेत्र को संगठित किया गया, तब “द बैंक ऑफ बीकानेर लिमिटेड” को स्टेट का दर्जा देते हुए “स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर” बनाया गया. इसके बाद 1 जनवरी 1963 को इसका “स्टेट बैंक ऑफ जयपुर” के साथ विलय कर “स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (एसबीबीजे)” का गठन किया गया. खास बात यह रही कि नए नाम में ‘बीकानेर’ शब्द पहले रखा गया, जो यहां के लोगों के आर्थिक योगदान और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है.

2017 में SBI में विलय, खत्म हुआ नामएसबीबीजे लंबे समय तक भारतीय स्टेट बैंक का सहयोगी बैंक रहा और पूरे राजस्थान में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी. लेकिन बदलते समय और बैंकिंग सुधारों के चलते 1 अप्रैल 2017 को एसबीबीजे सहित देश के पांच सहयोगी बैंकों का विलय भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में कर दिया गया. यह विलय देश के बैंकिंग इतिहास का एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना गया. हालांकि इस विलय के साथ “बीकानेर” नाम बैंकिंग जगत से औपचारिक रूप से समाप्त हो गया, लेकिन शहरवासियों के दिलों में इस बैंक की यादें आज भी जीवित हैं.

बीकानेर की पहचान था ये ऐतिहासिक बैंकएक समय यह बैंक बीकानेर की आर्थिक पहचान का प्रतीक था और लोगों के विश्वास का आधार. आज जब हम इस इतिहास को देखते हैं, तो यह स्पष्ट होता है कि “द बैंक ऑफ बीकानेर लिमिटेड” केवल एक बैंक नहीं था, बल्कि यह बीकानेर की आर्थिक आत्मनिर्भरता, सामूहिक भागीदारी और प्रगतिशील सोच का प्रतीक था. इसका गौरवशाली सफर आज भी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता है.

About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें

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Bikaner,Bikaner,Rajasthan

First Published :

April 21, 2026, 14:45 IST

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