सुरेरा-दांतारामगढ़ मार्ग पर गड्ढे तब्दील, ग्रामीण बोले- जल्द मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा तय

सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में अंतर्गत सुरेरा से दांतारामगढ़ को जोड़ने वाली डामर सड़क इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति के कारण लोगों के लिए बड़ी परेशानी और खतरे का कारण बनी हुई है. करीब 10 से 12 वर्ष पहले बनी यह सड़क अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. जगह-जगह बने गहरे गड्ढों ने इस मार्ग को जोखिम भरा बना दिया है, जिससे हर दिन हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. यह सड़क अजमेर-सीकर मुख्य मार्ग से जुड़ी है. यहां से बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं.
ग्रामीणों के अनुसार, वर्षों से इस सड़क की ठीक तरह से मरम्मत नहीं की गई, जिसके चलते अब हालात बेहद खराब हो गए हैं. सड़क कई स्थानों पर पूरी तरह उखड़ चुकी है और डामर का नामोनिशान तक नहीं बचा है. ग्राउंड पर स्थिति देखने पर साफ नजर आता है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए किसी जाल से कम नहीं हैं.
जर्जर सड़क के कारण हो चुकी है दुर्घटनाएं
खासकर बारिश के दिनों में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे सड़क और गड्ढे में फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार बाइक सवार गड्ढों से बचने के प्रयास में असंतुलित होकर गिर चुके हैं और गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं. सुरेरा में पेट्रोल पंप के सामने की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है. यहां सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है. वहीं अहीर का बास क्षेत्र में भी सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जहां विशेषकर रात के समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
कुछ दिन पहले हो चुका है हादसा
ग्रामीण दलेन्द्र कुमार का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. उन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि दुर्घटना होने पर इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी. महावीर कुमावत के अनुसार, अभी बोते दिनों एक मोटरसाइकिल चालक गड्ढों से बचने के प्रयास में अपना संतुलन खो बैठा, जिससे बाइक पर बैठी मैना देवी कुमावत गंभीर रूप से घायल हो गईं. उन्हें हाथ में फ्रैक्चर आया है और उपचार चल रहा है.
धार्मिक दृष्टि से भी खास यह मार्ग
ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग धार्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी सड़क से होकर खाटूश्यामजी मंदिर, जीणमाता मंदिर, सालासर धाम और साईबाबा मंदिर मुंडवाड़ा के दर्शन के लिए गुजरते हैं. खराब सड़क के कारण श्रद्धालुओं को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर पैदल यात्रियों के लिए यह मार्ग और अधिक जोखिम भरा हो गया है.
ग्रामीणों ने की सड़क पुनर्निर्माण की मांग
वाहन चालक जोरूराम वर्मा का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वाहन चलाना बेहद मुश्किल हो गया है. कई बार वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं या अचानक झटका लगने से संतुलन बिगड़ जाता है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए या कम से कम गड्ढों की तुरंत मरम्मत कराई जाए. उनका कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो यह सड़क किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. फिलहाल, यह मार्ग रोजाना लोगों के लिए खतरे का सबब बना हुआ है और जिम्मेदारों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर रहा है.



