पाली का रोहट गढ़ हेरिटेज रिसॉर्ट

Last Updated:April 25, 2026, 06:08 IST
Rohet Garh Pali Heritage Hotel History & Features: राजस्थान के पाली जिले में स्थित रोहट गढ़ आज विश्व प्रसिद्ध हेरिटेज डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हो चुका है. 1622 में जोधपुर महाराजा जसवंत सिंह द्वारा ठाकुर दलपत सिंह को उपहार में दी गई यह जागीर आज अपनी 14वीं पीढ़ी के हाथों में सुरक्षित है. ठाकुर सिद्धार्थ सिंह की देखरेख में चलने वाला यह रिसॉर्ट अपनी सादगी और शुद्ध राजस्थानी ग्रामीण संस्कृति के लिए जाना जाता है. 1990 में ठाकुर मानवेन्द्र सिंह द्वारा शुरू किए गए इस पर्यटन केंद्र को भारत सरकार से ‘हेरिटेज’ का विशिष्ट खिताब मिला हुआ है. यह सम्मान केवल उन्हीं ऐतिहासिक इमारतों को दिया जाता है जो 1950 से पहले की बनी हों और अपनी मूल पहचान बनाए रखें.
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पाली. राजस्थान की रेतीली धरती अपने भीतर न जाने कितने ही शौर्य और बलिदान के किस्से समेटे हुए है. जब भी आलीशान महलों की बात होती है, तो बड़े राजा-महाराजाओं के नाम ज़हन में आते हैं. लेकिन पाली जिले का ‘रोहट गढ़’ एक ऐसा अनूठा उदाहरण है, जिसने अपनी सादगी और शुद्ध ग्रामीण संस्कृति के दम पर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है. मारवाड़ की इस ऐतिहासिक जागीर ने अपनी विरासत को इस खूबसूरती से सहेजा है कि आज इसे भारत सरकार द्वारा ‘वर्ल्ड क्लास हेरिटेज डेस्टिनेशन’ का गौरव प्राप्त है. उम्मेद भवन पैलेस के बाद जोधपुर संभाग में यदि किसी हेरिटेज प्रॉपर्टी की गूँज सात समंदर पार तक है, तो वह रोहट गढ़ ही है.
रोहट गढ़ का इतिहास करीब 400 साल पुराना और गौरवशाली गाथाओं से भरा है. वर्तमान में इस विरासत की देखरेख कर रहे ठाकुर सिद्धार्थ सिंह बताते हैं कि उनके पूर्वजों को साल 1622 में यह जागीर मिली थी. जोधपुर के तत्कालीन महाराजा जसवंत सिंह ने ठाकुर दलपत सिंह (प्रथम) की वीरता और युद्धों में उनके अदम्य साहस से प्रसन्न होकर उन्हें यह क्षेत्र उपहार स्वरूप भेंट किया था. आज सिद्धार्थ सिंह अपने परिवार की 14वीं पीढ़ी के रूप में इस ऐतिहासिक धरोहर को आधुनिक युग के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ा रहे हैं.
1990: प्रधान मानवेन्द्र सिंह का विजन और पर्यटन की शुरुआतरोहट गढ़ को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर लाने का श्रेय ठाकुर मानवेन्द्र सिंह को जाता है, जो करीब 30 वर्षों तक यहाँ के प्रधान रहे. साल 1990 के दौर में जब जोधपुर संभाग में उम्मेद भवन और खींवसर फोर्ट जैसे ही कुछ गिने-चुने नाम थे, तब मानवेन्द्र सिंह ने रोहट को पर्यटकों के लिए खोलने का साहसी निर्णय लिया. शुरुआत में ट्रेवल एजेंट्स को संदेह था कि क्या लोग शहर से दूर यहाँ रुकेंगे, लेकिन राठौड़ परिवार ने अपनी मेहनत और मेहमाननवाजी से इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया. आज यह रिसॉर्ट 30 कमरों के साथ अपनी शुद्ध राजस्थानी पहचान के लिए मशहूर है.
ग्रामीण संस्कृति और आधुनिक सुख-सुविधाओं का संगमरोहट गढ़ की सबसे बड़ी ताकत इसकी ‘बिना मिलावट’ वाली ग्रामीण संस्कृति है. ठाकुर सिद्धार्थ सिंह के अनुसार, उन्होंने होटल बनाने के लिए किसी नई विंग का निर्माण नहीं किया. बल्कि जो पुराने तबेले, गैराज और इमारतें थीं, उन्हीं को आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ ‘हेरिटेज लुक’ दिया गया. जहाँ आज विदेशी पर्यटक स्विमिंग पूल का आनंद लेते हैं या शाही भोजन करते हैं, वे कभी पुराने गैराज हुआ करते थे. यहाँ आने वाले सैलानियों को राजस्थान के असली ग्रामीण परिवेश का अनुभव मिलता है, जो उन्हें किसी भी आधुनिक पाँच सितारा होटल में मिलना नामुमकिन है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Location :
Pali,Pali,Rajasthan
First Published :
April 25, 2026, 06:08 IST



