अंगकृष ने बल्ला पटका… अभिषेक नायर अंपायर से भिड़े, ‘ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड’ नियम क्या है? क्या केकेआर के साथ खेल हो गया?

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अंगकृष ने बल्ला पटका, नायर अंपायर से भिड़े, ‘ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड’ क्या है
Last Updated:April 26, 2026, 21:10 IST
What is obstructing the field: ईडन गार्डन्स में नियमों की उलझन ने केकेआर की मुश्किलें बढ़ा दीं. अंगकृष रघुवंशी ‘ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड’ आउट होने वाले आईपीएल इतिहास के चौथे खिलाड़ी बने. आईपीएल के नियम 37.1.4 के तहत, जानबूझकर फील्डर का ध्यान भटकाने या बाधा डालने पर अंपायर ने उन्हें पवेलियन भेजा. इस विवादित फैसले के बाद मैदान पर भारी ड्रामा हुआ और रघुवंशी ने गुस्से में बल्ला पटक दिया. 
क्रिकेट में क्या होता है ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’.
नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर जीत-हार तो आम बात है, लेकिन कुछ नियम ऐसे होते हैं जो खेल की भावना और तकनीकी बारीकियों के बीच एक नई बहस छेड़ देते हैं. ऐसा ही एक नियम है ‘ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड’. कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच हुए मुकाबले में अंगकृष रघुवंशी का इस नियम के तहत आउट होना चर्चा का केंद्र बना हुआ है. सीधे शब्दों में कहें तो, यदि कोई बल्लेबाज गेंद खेल में रहने के दौरान जानबूझकर फील्डिंग कर रही टीम के काम में बाधा डालता है या उनका ध्यान भटकाता है, तो उसे इस नियम के तहत आउट दिया जा सकता है. नियम 37.1.1 स्पष्ट करता है कि बाधा चाहे शब्दों के जरिए हो या किसी शारीरिक हरकत (एक्शन) के जरिए, अगर वह ‘जानबूझकर’ की गई है, तो बल्लेबाज को पवेलियन लौटना होगा.
इतना ही नहीं, नियम 37.1.2 के मुताबिक, अगर कोई बल्लेबाज गेंद को उस हाथ से छूता या हटाता है जिसमें बल्ला नहीं है, तो वह भी इसी दायरे में आता है. साथ ही, अगर फील्डर की अनुमति के बिना बल्लेबाज गेंद को वापस करने के लिए बल्ले या शरीर का इस्तेमाल करता है, तो उसे भी फील्डिंग में बाधा माना जा सकता है. नियम 37.2 के तहत कुछ ऐसी स्थितियां भी हैं जहां बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जाता. यदि बाधा अनजाने में हुई हो या बल्लेबाज ने केवल खुद को चोट लगने से बचाने के लिए कोई हरकत की हो, तो उसे आउट नहीं माना जाएगा. इसके अलावा, नियम 34.3 के तहत अगर गेंद बल्ले या शरीर से लगकर विकेटों की ओर जा रही हो और बल्लेबाज अपना विकेट बचाने के लिए उसे दोबारा हिट करता है, तो वह इस नियम के तहत दोषी नहीं होता.
क्रिकेट में क्या होता है ‘ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड’.
ईडन गार्डन्स का वो नाटकीय ओवरकेकेआर और एलएसजी के बीच मुकाबले में इस नियम की कड़वी हकीकत अंगकृष रघुवंशी के सामने आई. पारी के 4.6 ओवर में प्रिंस यादव की गेंद को मिड-ऑन पर खेलकर रघुवंशी एक रन के लिए दौड़े. साथी खिलाड़ी कैमरून ग्रीन ने उन्हें वापस भेजा. जब रघुवंशी डाइव लगाकर क्रीज में लौट रहे थे, तब थ्रो सीधे उनके शरीर पर लगा. मोहम्मद शमी और लखनऊ की टीम ने अपील की कि रघुवंशी ने थ्रो से बचने या उसे रोकने के लिए अपनी दौड़ की दिशा बदली थी।.तीसरे अंपायर ने कई बार रिप्ले देखने के बाद यह माना कि रघुवंशी की हरकत जानबूझकर थी और उन्हें ‘आउट’ करार दिया. इस फैसले ने मैदान पर आग लगा दी. रघुवंशी ने गुस्से में अपना बल्ला जमीन पर पटका और हेलमेट उतारकर अपनी नाराजगी जाहिर की. केकेआर के कोच अभिषेक नायर भी चौथे अंपायर के साथ काफी देर तक एनिमेटेड बहस करते दिखे, लेकिन फैसला बदला नहीं जा सका.
आईपीएल इतिहास के वो पल जब बल्लेबाज बने शिकारअंगकृष रघुवंशी आईपीएल के इतिहास में इस तरह आउट होने वाले पहले बल्लेबाज नहीं हैं. इस फेहरिस्त में कई बड़े नाम शामिल हैं. आईपीएल में इस सिलसिले की शुरुआत साल 2013 में हुई थी, जब केकेआर के ही दिग्गज ऑलराउंडर यूसुफ पठान पुणे वारियर्स इंडिया के खिलाफ रांची में 72 रनों की अपनी शानदार पारी के दौरान इस नियम का शिकार बने थे. इसके छह साल बाद, 2019 में दिल्ली कैपिटल्स के अमित मिश्रा वाइजैग में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ दौड़ते समय फील्डर के रास्ते में आने की वजह से केवल 1 रन पर आउट दिए गए थे. हाल के समय में, 2024 के सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के अनुभवी रवींद्र जडेजा राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ चेपॉक में थ्रो के सामने आने की वजह से 5 रन बनाकर आउट हुए थे.अब 2026 के इस सीजन में अंगकृष रघुवंशी का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है, जो 9 रन बनाकर पवेलियन लौटे.
About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर
कमलेश राय वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें
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Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
April 26, 2026, 21:09 IST



