BJP MLA या इंजीनियर… SriGanganagar की मारपीट में कौन सच बोल रहा है, कहानी क्यों पलट गई

श्रीगंगानगर. श्रीगंगानगर भाजपा विधायक और अफसरों के बीच मारपीट वाले मामले में अब आरोप-आरोप का खेल हो रहा है. पहले खबर आई कि भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी ने एक इंजीनियर पर मारपीट का आरोप लगाकर उसे गिरफ्तार करवा दिया. लेकिन अब वही इंजीनियर जब रिहा होकर सामने आया तो कुछ और ही बात सामने आ गई. यहीं से पूरी कहानी ही पलटती नजर आ रही है. इंजीनियर का दावा है कि उसके साथ ही जमकर मारपीट हुई, और वो भी विधायक और उनके समर्थकों की तरफ से.
गुरुवार को जो कुछ हुआ, उसका असर अब अगले दिन भी दिख रहा है. कोर्ट से रिहा होने के बाद सहायक अभियंता जगनलाल बैरवा ने खुले तौर पर अपनी चोटें दिखाईं और कहा कि असल में पिटाई उनकी हुई थी. आंख पर सूजन, शरीर पर निशान, और फटी हुई शर्ट, ये सब दिखाते हुए उन्होंने पूरी घटना अपनी तरफ से बताई.
पहले गाली दी, फिर हो गई हाथापाईजगनलाल बैरवा ने बताया कि उन्हें विधायक सेवा केंद्र में बैठक के लिए बुलाया गया था. जैसे ही वह अपने दो कर्मचारियों के साथ वहां पहुंचे, उनके मुताबिक विधायक जयदीप बिहाणी ने उनसे नाराजगी जताई और बात बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गई.
बैरवा का कहना है कि पहले उनके साथ गाली-गलौज हुई, फिर हाथापाई शुरू हो गई. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मौजूद करीब 20 से 25 समर्थक भी उन पर टूट पड़े और उन्हें जमकर पीटा गया. इस दौरान उनकी शर्ट तक फट गई और उस पर खून के निशान लग गए.
उनका यह भी दावा है कि बाद में विधायक ने नई शर्ट मंगवाकर उन्हें पहनाई और फिर पुलिस को बुलाकर उल्टा उन पर ही मारपीट का केस लगवा दिया. जब पुलिस उन्हें लेकर जा रही थी, तब उनके हाथ में वही फटी शर्ट भी नजर आई.
विधायक ने बताया- अफसर ने मारे थप्पड़, फिर चश्मा तोड़ दियाइस पूरे मामले में विधायक जयदीप बिहाणी ने खुद को निर्दोष बताया है. उनका कहना है कि शहर में पानी की सप्लाई कई दिनों से बंद थी और लोग शिकायत लेकर उनके पास आए थे. विधायक के मुताबिक उन्होंने बैरवा को कई बार बुलाया, लेकिन वह देर से पहुंचे. जब वह खुद वहां से निकलने लगे, उसी समय बैरवा पहुंचे. उन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ गुस्सा जताया, लेकिन उसी दौरान बैरवा ने उन्हें थप्पड़ मार दिया और उनका चश्मा तोड़ दिया. विधायक का कहना है कि इसके बाद उन्होंने पुलिस को बुलाया और बैरवा समेत तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार करवाया.
इंजीनियर संगठनों का विरोध, जांच की मांग तेजइस मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है. राजस्थान के इंजीनियर संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि सरकारी कर्मचारी के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
वहीं विधायक की तरफ से जुड़े वकीलों ने भी कहा है कि इंजीनियर के आरोप गलत हैं और मेडिकल बोर्ड से चोटों की जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर मारपीट किसने की. एक तरफ विधायक का आरोप है, दूसरी तरफ इंजीनियर के शरीर पर दिख रही चोटें हैं. फटी शर्ट और चोटों के निशान भी कहानी का अहम हिस्सा बन गए हैं.



