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हीरो की मौत ने बदली इन 7 फिल्मों की किस्मत, हैप्पी एंडिंग के बिना बनीं सुपरहिट, हफ्तों तक बॉक्स ऑफिस पर बरसते रहे नोट

Last Updated:May 01, 2026, 18:01 IST

सिनेमाई पर्दे पर अक्सर हैप्पी एंडिंग की रवायत रही है, लेकिन कुछ ऐसी फिल्में भी बनीं जहां हीरो की मौत ने कहानी को ऐतिहासिक बना दिया. इन फिल्मों ने साबित किया कि एक प्रभावशाली अंत के लिए हैप्पी एंडिंग अनिवार्य नहीं है. हीरो की मौत के साथ हुए इन दुखद क्लाइमैक्स ने न केवल दर्शकों के दिलों को झकझोर दिया, बल्कि हफ्तों तक सिनेमाघरों में भीड़ जुटाकर बॉक्स ऑफिस पर भी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए.

नई दिल्ली. भारतीय सिनेमा में अमूमन दर्शक हैप्पी एंडिंग की उम्मीद करते हैं, जहां हीरो बुराई पर जीत हासिल करता है और खुशी-खुशी अपनी दुनिया बसाता है. हालांकि, कुछ ऐसी फिल्में भी बनीं जिन्होंने इस रवायत को तोड़ा और हीरो की मौत के साथ दर्शकों की आंखों में आंसू छोड़ दिए. इन फिल्मों के दुखद अंत ने न केवल कहानी को अधिक प्रभावशाली बनाया, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए. यहां पर देखिए पूरी लिस्ट.

कल हो ना हो: इस फिल्म में शाहरुख खान ने अमन का किरदार निभाया था, जो दिल की बीमारी से जूझ रहा था. फिल्म का अंत अमन की मौत के साथ होता है, जो अपनी प्रेमिका के लिए एक सुखद भविष्य सुनिश्चित करके जाता है. इस भावुक क्लाइमैक्स ने दर्शकों का दिल जीत लिया. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनियाभर में लगभग 86 करोड़ रुपये का कारोबार किया था. (फोटो साभार: IMDb)

अग्निपथ: साल 2012 में रिलीज हुई अग्निपथ में ऋतिक रोशन के किरदार विजय दीनानाथ चौहान की मौत अंत में दिखाई गई है. अपनी मां की गोद में अंतिम सांस लेते हीरो के इस सीन ने कहानी को भावुक बना दिया. 2012 में रिलीज हुई इस मूवी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया. ‘अग्निपथ’ ने वर्ल्डवाइड करीब 193 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी. (फोटो साभार: IMDb)

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दीवार: यश चोपड़ा की इस मास्टरपीस में अमिताभ बच्चन ने विजय का किरदार निभाया था, जो गलत रास्ते पर चल पड़ता है. ‘मेरे पास मां है’ डायलॉग वाली इस फिल्म का अंत विजय की मौत से होता है. इस क्लाइमैक्स ने फिल्म को ऐतिहासिक सफलता दिलाई. शशि कपूर भी मूवी का हिस्सा थे. उस दौर में फिल्म ने लगभग 7.5 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था, जो आज के हिसाब से ब्लॉकबस्टर है. (फोटो साभार: IMDb)

आनंद: ‘बाबूमोशाय, जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं,’ इस डायलॉग के साथ राजेश खन्ना ने मौत को भी मात दे दी थी. कैंसर से जूझ रहे आनंद की मौत का सीन आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे भावुक सीन्स में गिना जाता है. फिल्म ने न केवल दर्शकों को रुलाया बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी बड़ी हिट रही. फिल्म ने उस जमाने में करीब 3 करोड़ रुपये कमाए थे और कल्ट क्लासिक बनी. (फोटो साभार: IMDb)

कयामत से कयामत तक: आमिर खान और जूही चावला की इस फिल्म ने बॉलीवुड में लवर बॉय का दौर शुरू किया, लेकिन इसका अंत बेहद दुखद था. फिल्म के क्लाइमैक्स में दोनों प्रेमियों की मौत हो जाती है. इस ट्रेजिक एंडिंग ने युवाओं के बीच फिल्म को लेकर जबरदस्त क्रेज पैदा किया. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 5 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया और आमिर खान को सुपरस्टार बना दिया. (फोटो साभार: IMDb)

बाजीराव मस्तानी: संजय लीला भंसाली की इस फिल्म में मराठा पेशवा बाजीराव और मस्तानी की अधूरी प्रेम कहानी को दिखाया गया है. फिल्म के अंत में युद्ध के मैदान और बीमारी की तड़प के बीच बाजीराव (रणवीर सिंह) की मौत हो जाती है और उसी समय मस्तानी (दीपिका पादुकोण) भी प्राण त्याग देती है. इस दुखद अंत ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया था. बॉक्स ऑफिस पर इस ऐतिहासिक ड्रामा ने जबरदस्त सफलता हासिल की और दुनियाभर में लगभग 358 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया था. (फोटो साभार: IMDb)

फना: आमिर खान और काजोल की ‘फना’ एक कल्ट रोमांटिक-थ्रिलर फिल्म है. कहानी एक कश्मीरी लड़की और एक आतंकवादी के बीच के प्रेम और संघर्ष को दर्शाती है. फिल्म के रोंगटे खड़े कर देने वाले क्लाइमैक्स में आमिर खान के किरदार की मौत हो जाती है. इस इमोशनल क्लाइमैक्स के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस ब्लॉकबस्टर रही और इसने दुनियाभर में करीब 105 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की थी. (फोटो साभार: IMDb)

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