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विश्व के 5 बल्लेबाज…जिन्होंने 149 साल के टेस्ट इतिहास में ठोके सबसे कम गेंदों में दोहरा शतक, 26 साल बाद भी विश्व कीर्तिमान कायम

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149 साल के टेस्ट इतिहास के 5 सबसे तेज दोहरे शतक, 24 साल से अटूट विश्वकीर्तिमान

Last Updated:August 12, 2026, 16:21 IST

5 batsman Fastest double hundred in test: टेस्ट क्रिकेट केवल धैर्य और तकनीक का खेल नहीं, बल्कि विस्फोटक आक्रामकता का भी गवाह रहा है. जब बल्लेबाजों ने रेड बॉल की परंपराओं को धता बताते हुए तूफानी अंदाज में सबसे तेज दोहरे शतक जड़े, तो मैदान पर सुनामी आ गई. नाथन एस्टले के 153 गेंदों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड से लेकर बेन स्टोक्स, वीरेंद्र सहवाग और ब्रेंडन मैकुलम की विध्वंसकारी पारियों तक, टेस्ट इतिहास के उन 5 सबसे तेज दोहरे शतकों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया.Amazon Prime DayTop Deals Inside149 साल के टेस्ट इतिहास के 5 सबसे तेज दोहरे शतक, 24 साल से अटूट विश्वकीर्तिमानZoomटेस्ट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के 5 बल्लेबाज.

नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट को अक्सर धैर्य, संयम और तकनीक का खेल माना जाता है. जहां बल्लेबाज घंटों टिककर एक-एक रन के लिए संघर्ष करते हैं. वहीं इतिहास में कुछ ऐसे क्षण भी आए जब बल्लेबाजों ने लाल गेंद की परंपराओं को धता बताते हुए विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं. क्रिकेट के इस लंबे फॉर्मेट में जब कोई बल्लेबाज केवल गेंदों की गिनती से नहीं, बल्कि अपनी आक्रामकता से शतक और दोहरे शतक ठोकता है, तो खेल का रोमांच चरम पर पहुंच जाता है. आइए जानते हैं टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में गेंदों के लिहाज से बनाए गए सबसे तेज 5 दोहरे शतकों के बारे में, जिन्होंने मैदान पर तूफान ला दिया था.

साल 2002 में क्राइस्टचर्च के मैदान पर इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया मुकाबला इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया. इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड के सामने जीत के लिए 550 रनों का एक विशाल और लगभग असंभव लक्ष्य रखा था. न्यूजीलैंड की आधी टीम ढेर हो चुकी थी और मैच पूरी तरह से इंग्लैंड की मुट्ठी में था. तभी क्रीज पर आए नाथन एस्टले (Nathan Astle). एस्टले ने उस दिन एक ऐसी आतिशी पारी खेली जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. उन्होंने इंग्लिश तेज गेंदबाजों की शॉर्ट गेंदों और स्विंग को पूरी तरह से नाकाम करते हुए हर तरफ शॉट्स की बौछार कर दी. उन्होंने महज 153 गेंदों पर अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया, जो आज भी टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक है. एस्टले ने अपनी इस विस्फोटक पारी में 222 रन बनाए. हालांकि न्यूजीलैंड मैच नहीं जीत सका, लेकिन एस्टले का यह रिकॉर्ड दो दशक बीत जाने के बाद भी अटूट खड़ा है.

बेन स्टोक्स की 163 गेंदें पर केपटाउन में छक्कों की आंधीजनवरी 2016 में इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स (Ben Stokes) ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर विध्वंसकारी बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया. पहली पारी में इंग्लैंड की शुरुआत उतार-चढ़ाव भरी रही थी, लेकिन स्टोक्स के क्रीज पर आते ही खेल का रुख पूरी तरह बदल गया. दक्षिण अफ्रीका के कागिसो रबाडा, मोर्ने मोर्कल और डेल स्टेन जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने स्टोक्स ने बिना किसी खौफ के बल्लेबाजी की. उन्होंने मैदान के हर कोने में लंबे-लंबे छक्के जड़े. स्टोक्स ने केवल 163 गेंदों में अपना दोहरा शतक जड़ दिया. यह टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे तेज दोहरा शतक बना. उनकी 258 रनों की इस पारी ने दक्षिण अफ्रीकी टीम के हौसले पस्त कर दिए थे.

168 गेंदें और मुंबई में श्रीलंका के खिलाफ वीरेंद्र सहवाग का तांडवजब भी टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी का जिक्र होता है, तो भारत के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) का नाम सबसे ऊपर आता है. सहवाग के लिए टेस्ट और टी20 में कोई खास फर्क नहीं था. दिसंबर 2009 में मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ सहवाग अपने पूरे शबाब पर थे. श्रीलंकाई स्पिनर मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ जैसे दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ सहवाग ने पहले ही ओवर से हमला बोल दिया. उन्होंने मात्र 168 गेंदों पर दोहरा शतक पूरा किया. सहवाग का यह अंदाज ऐसा था कि विरोधी टीम के कप्तान के पास फील्डिंग सेट करने का कोई मौका ही नहीं बचता था. सहवाग इस मैच में 293 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन उनकी इस पारी ने भारत को मैच में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.

वीरेंद्र सहवाग का लाहौर में पाकिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक हमलालाहौर का गद्दाफी स्टेडियम और साल 2006 का भारत-पाकिस्तान टेस्ट मैच. पाकिस्तान ने पहली पारी में 679 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. आम तौर पर ऐसी स्थिति में कोई भी टीम संभलकर खेलने की सोचती है, लेकिन क्रीज पर वीरेंद्र सहवाग थे. सहवाग ने राहुल द्रविड़ के साथ मिलकर पाकिस्तानी गेंदबाजों पर चौकों और छक्कों की बरसात कर दी. शोएब अख्तर, मोहम्मद समी और दानिश कनेरिया जैसे गेंदबाजों को सहवाग ने पूरी तरह से दिशाहीन कर दिया. उन्होंने केवल 182 गेंदों में अपना दोहरा शतक जमा दिया. लाहौर की सपाट पिच पर सहवाग की इस आक्रामक पारी ने पाकिस्तान के विशाल स्कोर के दबाव को पलभर में हवा में उड़ा दिया था. सहवाग उस पारी में 254 रन बनाकर आउट हुए थे.

186 गेंदें और शारजाह में पाकिस्तान के खिलाफ ब्रेंडन मैकुलम का कप्तानी धमाकान्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रेंडन मैकुलम (Brendon McCullum) अपनी बेबाक और निडर बल्लेबाजी शैली के लिए जाने जाते थे. नवंबर 2014 में शारजाह के मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए तीसरे टेस्ट में मैकुलम ने अपनी आक्रामकता का सबसे बेहतरीन नमूना पेश किया. पाकिस्तान के स्पिन अनुकूल वातावरण में जहां बल्लेबाज संभलकर खेलते हैं, मैकुलम ने आते ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने पाकिस्तानी गेंदबाजों की गेंदों को बाउंड्री लाइन के पार भेजना शुरू किया और महज 186 गेंदों में दोहरा शतक जड़ दिया. मैकुलम की 202 रनों की इस पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत की और पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी.

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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New Delhi,Delhi

First Published :

August 12, 2026, 16:21 IST

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