Rajasthan

धौलपुर में पानी बना जहर! 3 किमी दूर से लाना पड़ रहा पानी, गांव छोड़ने को मजबूर लोग

Last Updated:May 02, 2026, 17:42 IST

Ground Report : धौलपुर के सरमथुरा इलाके में पानी का संकट विकराल रूप ले चुका है. हालात ऐसे हैं कि लोगों को 2-3 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है और कई परिवार गंदा पानी छानकर पीने को मजबूर हैं. महंगे टैंकर, बढ़ती बीमारियां और पलायन की मजबूरी ने ग्रामीणों की जिंदगी मुश्किल कर दी है. बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है.

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धौलपुर : राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा उपखंड के मदनपुर, गोलरी और धोध गांवों में भीषण गर्मी के बीच पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है. हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों को रोजाना 2 से 3 किलोमीटर दूर जाकर तालाब, पोखर और कुओं से पानी लाना पड़ रहा है. कई गांवों में लोग मजबूरी में गंदा और दूषित पानी छानकर पी रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जलदाय विभाग और स्थानीय प्रशासन को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है. सरमथुरा क्षेत्र डांग इलाके में आता है, जहां हर साल गर्मियों में पानी की भारी किल्लत हो जाती है. इस बार स्थिति और ज्यादा गंभीर बनी हुई है.

पानी के लिए 3 हजार तक खर्च मजबूरीग्रामीणों ने बताया पीने के पानी के लिए उन्हें निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं. एक टैंकर के लिए 2 से 3 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है. कई परिवार तालाब और पोखर के गंदे पानी को कपड़े से छानकर उपयोग कर रहे हैं. बोहरे का पुरा निवासी देवेंद्र गुर्जर ने बताया कि गांव में जलदाय विभाग की पाइपलाइन तो बिछाई गई है, लेकिन सालों से नलों में पानी नहीं आया. इस समस्या को लेकर कई बार सरपंच और अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

गंदा पानी पीने से बढ़ रहीं बीमारियांग्रामीण बनवारी लाल गुर्जर ने बताया कि गांव में महीने में सिर्फ एक या दो बार ही पानी की सप्लाई होती है. ऐसे में लोगों को पोखर और तालाब का दूषित पानी पीना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि गंदा पानी पीने से पेट दर्द और अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं और लोगों को बार-बार अस्पताल जाना पड़ता है क्योंकि यह पानी नहीं जहर है जिसे पीकर ग्रामीण बीमार हो रहे हैं.

पानी संकट से गांव छोड़ने को मजबूरग्रामीण ओमपाल गुर्जर ने बताया कि पानी और चारे की कमी के कारण कई परिवार हर साल गर्मियों में अपने पशुओं को लेकर मध्य प्रदेश के मुरैना और सबलगढ़ तथा उत्तर प्रदेश के खेरागढ़ और सैया क्षेत्रों की ओर पलायन कर जाते हैं. हम अपना घर छोड़ना नहीं चाहते पर पानी की कमी के कारण निकटवर्ती उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की तरफ पलायन करना पड़ता है. लोग घरों पर ताला लगाकर बारिश का मौसम आने के बाद ही वापस लौटते हैं. ग्रामीणों ने धौलपुर जिला कलेक्टर, विधायक,सांसद सभी से अपील की है कि गांव में पेयजल की व्यवस्था की जाए ताकि गांव वालों को निकटवर्ती राज्यों में अपने पशुओं को लेकर पलायन न करना पड़े.

About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें

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