RGHS में करोड़ों का घोटाला! SOG ने डॉक्टर-लैब गठजोड़ किया बेनकाब, फर्जी MRI से निकाले पैसे

Last Updated:May 04, 2026, 22:49 IST
Rajasthan RGHS Scame Exposed: राजस्थान में RGHS स्कीम के तहत बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां डॉक्टर और लैब संचालक की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया. फर्जी प्रिस्क्रिप्शन, जरूरत से ज्यादा जांचें और गलत क्लेम के जरिए करोड़ों रुपये निकाले गए. SOG ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि छुट्टी के दिन भी फर्जी पर्चियां बनाई गईं. अधिकारियों के अनुसार यह संगठित फर्जीवाड़ा है और इसमें अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
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आरजीएचएस घोटाले में संलपिप्त दो आरोपियों को एसओजी ने किया गिरफ्तार
जयपुर. राजस्थान में RGHS (राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) के तहत बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में डॉक्टर और लैब संचालक की मिलीभगत सामने आई है, जो मिलकर सरकारी योजना का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का गबन कर रहे थे.
SOG की जांच में सामने आया कि सीकर स्थित बी. लाल लैब के संचालक डॉ. बनवारी लाल और एसके अस्पताल के डॉ. कमल कुमार अग्रवाल ने मिलकर फर्जी तरीके से मरीजों के नाम पर महंगी जांचों का क्लेम उठाया. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोप है कि डॉक्टर द्वारा पोर्टल पर फर्जी प्रिस्क्रिप्शन अपलोड किए जाते थे, जिनमें मरीजों को जरूरत न होने के बावजूद महंगी जांचें लिखी जाती थीं.
ज्यादा क्लेम के लिए अपनाते थे ये हथकंडे
जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में सामान्य MRI की जगह कॉन्ट्रास्ट MRI का क्लेम उठाया गया, जिससे अधिक राशि का भुगतान लिया जा सके. इतना ही नहीं, एक ही जांच को कई हिस्सों में बांटकर 5-6 अलग-अलग रिपोर्ट के रूप में अपलोड किया जाता था, ताकि ज्यादा से ज्यादा क्लेम हासिल किया जा सके. इस तरह सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया. SOG के अधिकारियों ने बताया कि फर्जीवाड़े को छिपाने के लिए डॉक्टर की छुट्टी के दिनों में भी परामर्श पर्चियां बनाई गईं, जिससे यह दिखाया जा सके कि मरीजों का इलाज नियमित रूप से किया जा रहा है. इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है, जिसकी जांच जारी है.
जांच में करोड़ों की घोटाले की हुई पुष्टि
SOG के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि इस मामले में तकनीकी और वित्तीय जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है. प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के घोटाले की पुष्टि हुई है. उन्होंने कहा कि इस तरह की अनियमितताओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल SOG इस मामले में और गहराई से जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके और इसमें शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा सके.About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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