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सड़क सुरक्षा से खिलवाड़! जयपुर के ड्राइविंग स्कूलों की खुली पोल, न वाहन, न ट्रेनिंग, फिर भी मिल रहे थे लाइसेंस

Last Updated:May 04, 2026, 09:29 IST

Jaipur RTO Raid: जयपुर में परिवहन विभाग ने मोटर ड्राइविंग स्कूलों पर डिकॉय ऑपरेशन चलाकर बड़ा खुलासा किया है. आरटीओ प्रथम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में 6 स्कूलों की जांच की गई, जिनमें से अधिकांश केवल कागज़ों में संचालित पाए गए. इन संस्थानों के पास न वाहन थे और न ही प्रशिक्षण के आवश्यक संसाधन, फिर भी वे अनुभव प्रमाण पत्र जारी कर रहे थे. जांच में सामने आया कि 3 से 5 हजार रुपये लेकर फर्जी सर्टिफिकेट दिए जा रहे थे, जिसके आधार पर हैवी ड्राइविंग लाइसेंस जारी हो रहे थे. जबकि नियमों के अनुसार 30 दिन का प्रशिक्षण और 15 घंटे का सघन अभ्यास अनिवार्य है. बिना प्रशिक्षण 500 से अधिक प्रमाण पत्र जारी किए गए. अब सभी स्कूलों को निलंबन नोटिस दिए गए हैं.

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सड़क सुरक्षा से खिलवाड़! जयपुर के ड्राइविंग स्कूलों की खुली पोलZoomजयपुर के ड्राइविंग स्कूलों की खुली पोल

जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में परिवहन विभाग ने एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है. आरटीओ प्रथम (RTO-1) की टीम द्वारा किए गए एक ‘डिकॉय ऑपरेशन’ (Decoy Operation) में शहर की कई मोटर ड्राइविंग स्कूलों की पोल खुल गई है. विभाग की इस कार्रवाई में पाया गया कि ये स्कूल बिना किसी बुनियादी ढांचे के महज कागजों पर चल रहे थे और नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से फर्जी ड्राइविंग प्रमाणपत्र जारी कर रहे थे.

आरटीओ प्रथम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित मोटर ड्राइविंग स्कूलों (MDS) का औचक निरीक्षण करने के लिए एक विशेष डिकॉय ऑपरेशन चलाया. इस दौरान कुल 6 स्कूलों को जांच के दायरे में लिया गया. निरीक्षण के दौरान सामने आया कि अधिकांश ड्राइविंग स्कूलों का कोई भौतिक अस्तित्व ही नहीं है. इन स्कूलों के पास न तो प्रशिक्षण के लिए कोई वाहन मौजूद था और न ही कोई बुनियादी संसाधन. ये स्कूल पूरी तरह से कागजी खानापूर्ति कर रहे थे, जिनका एकमात्र उद्देश्य लोगों को फर्जी प्रमाण पत्र बेचना था.

भ्रष्टाचार का काला खेल जांच में खुलासा हुआ कि ये ड्राइविंग स्कूल प्रत्येक अनुभव प्रमाण पत्र के बदले आवेदकों से 3 से 5 हजार रुपये तक की अवैध वसूली कर रहे थे. इनका तरीका बेहद संगठित था, ये स्कूल ‘फॉर्म 5’ जारी करते थे, जिसके आधार पर आरटीओ कार्यालय से सीधे हैवी लाइसेंस जारी करवा दिए जाते थे. भारी वाहनों का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए नियमों के अनुसार 30 दिनों तक भारी वाहनों का संचालन करना अनिवार्य है और कम से कम 15 घंटे का सघन प्रशिक्षण भी जरूरी होता है. लेकिन, बिना किसी प्रशिक्षण और अनुभव के ही इन स्कूलों ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए 500 से अधिक प्रमाण पत्र जारी कर दिए.

सख्त कार्रवाई की तैयारीपरिवहन विभाग ने इस अनियमितता को बेहद गंभीरता से लिया है. बिना प्रशिक्षण के लाइसेंस जारी करना सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है. विभाग ने इन सभी 6 मोटर ड्राइविंग स्कूलों को निलंबन के नोटिस जारी कर दिए हैं. इन स्कूलों को अपना पक्ष रखने के लिए मात्र 7 दिन का समय दिया गया है. यदि निर्धारित समय सीमा में ये स्कूल अपना जवाब पेश नहीं कर पाते हैं, तो उनका लाइसेंस स्थायी रूप से निलंबित कर दिया जाएगा.

इतना ही नहीं, विभाग ने यह भी बताया है कि जिन स्कूलों द्वारा फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, उन सभी पुराने प्रमाणपत्रों को भी निरस्त किया जाएगा. इस कार्रवाई से शहर भर के उन अन्य ड्राइविंग स्कूलों में भी हड़कंप मच गया है जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. परिवहन विभाग की इस मुहिम से अब ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली में पारदर्शिता आने की उम्मीद है.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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