जवाई सफारी ही नहीं, पाली की ये 6 जगहें बना देंगी ट्रिप यादगार, प्रकृति और इतिहास का है शानदार संगम

Last Updated:May 05, 2026, 16:31 IST
Pali Tourist Places: पाली सिर्फ जवाई लेपर्ड सफारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां कई खूबसूरत और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मौजूद हैं. नारलाई का जैन मंदिर अपनी अद्भुत संगमरमर नक्काशी और आध्यात्मिक शांति के लिए प्रसिद्ध है. रणकपुर बांध प्राकृतिक सुकून और पिकनिक के लिए बेहतरीन जगह है. नारलाई गांव अरावली की वादियों में बसा शांत स्थल है, जहां ट्रेकिंग और शानदार नजारे मिलते हैं. रावला नारलाई हेरिटेज होटल शाही अनुभव देता है. साथ ही रणकपुर जैन मंदिर अपनी अनूठी वास्तुकला और 1444 स्तंभों के लिए दुनियाभर में मशहूर है.
अगर आप पाली घूमने का मन बना रहे हैं और ‘जवाई लेपर्ड सफारी’ के अलावा कुछ बेहतरीन जगहों की तलाश में हैं, तो पाली का आकर्षण सिर्फ वन्यजीवों तक सीमित नहीं है. यहां का इतिहास, वास्तुकला और अरावली की शांत वादियां आपका मन मोह लेंगी. पाली की 6 खास जगहें, जो आपकी यात्रा को यादगार बना देंगी. उन्ही में से एक नारलाई का प्राचीन जैन मंदिर अपनी अद्भुत नक्काशी और आध्यात्मिक शांति के लिए जाना जाता है. भगवान आदिनाथ को समर्पित यह मंदिर पूरी तरह संगमरमर से निर्मित है. इसकी दीवारों पर की गई बारीक कारीगरी पहली नजर में ही पर्यटकों का मन मोह लेती है. यह स्थान श्रद्धालुओं के साथ-साथ उन लोगों के लिए भी स्वर्ग है जिन्हें प्राचीन भारतीय वास्तुकला से प्रेम है.
रणकपुर बांध पाली के सबसे शांत और खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है. रणकपुर गांव के पास स्थित यह बांध शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर एक आदर्श ‘गेटवे’ प्रदान करता है. यहाँ की ठंडी हवाएं और पानी का विस्तार आपको ताजगी से भर देता है, जिससे यह पिकनिक और प्राकृतिक शांति के लिए एक बेहतरीन जगह बन जाती है. जवाई बांध के बाद यह रणकपुर बांध अपनी पहचान रखता है.
राजस्थान के पहाड़ों और शाही इतिहास के बीच बसा नारलाई गांव, पाली जिले का एक अनमोल रत्न है. अरावली की पहाड़ियों की गोद में छिपा यह गांव पाली से लगभग 70 किमी और जोधपुर से 140 किमी दूर है. अब इसकी पहचान सिर्फ एक साधारण गांव की नहीं, बल्कि एक बेहद शांत और समृद्ध सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में होने लगी है, जहां प्रकृति और परंपरा का अनूठा संगम मिलता है. जहां आप अपने परिवार के साथ काफी सुखद अनुभव कर सकते हैं.
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नारलाई गांव के ठीक पीछे एक विशाल पहाड़ी स्थित है, जिसे स्थानीय लोग ‘हाथी की पहाड़ी’ कहते हैं, क्योंकि इसकी आकृति एक विशाल हाथी जैसी दिखाई देती है. रोमांच के शौकीनों के लिए इस पहाड़ी पर ट्रेकिंग करना एक अद्भुत अनुभव है. विशेष रूप से सूर्योदय या सूर्यास्त के समय यहां की चोटी से नारलाई और आस-पास के ग्रामीण इलाकों का नजारा बेहद खूबसूरत और सुकून देने वाला होता है.
नारलाई की सबसे प्रमुख पहचान यहां का ‘रावला नारलाई’ है. यह 17वीं शताब्दी का एक प्राचीन राजमहल है, जिसे अब एक भव्य हेरिटेज होटल में बदल दिया गया है. यहां रुकने पर आपको राजस्थान के असली शाही जीवन का अनुभव होता है. इसकी शानदार वास्तुकला, सुकून देने वाली शांति और राजपूती आतिथ्य आपको बीते दौर के राजा-महाराजाओं वाली सुख-सुविधाओं का अहसास कराते हैं.
पाली जिले का यह भव्य मंदिर विश्व प्रसिद्ध है. भगवान आदिनाथ को समर्पित यह संगमरमर का ढांचा अपनी जटिल वास्तुकला और 1,444 अद्वितीय नक्काशीदार खंभों के लिए मशहूर है. खास बात यह है कि कोई भी दो खंभे एक जैसे नहीं हैं. यह मंदिर आध्यात्मिक शांति चाहने वालों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए राजस्थान के सबसे बेहतरीन स्थलों में से एक है. जहां आप फोटोग्राफी के लिहाज से बेहतरीन यादे समेटकर ले जा सकते है.
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