भक्ति का अनोखा रंग! आम की आंगी से सजे दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सेवा का दिखा अनोखा रूप

Last Updated:May 06, 2026, 16:03 IST
Udaipur Hindi News: धार्मिक आस्था और परंपराओं के अनोखे संगम का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहां भगवान के दरबार को आम की आंगी से सजाया गया. इस खास सजावट ने न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित किया, बल्कि भक्ति का माहौल भी और अधिक भावपूर्ण बना दिया. भक्तों ने बढ़-चढ़कर सेवा कार्यों में भाग लिया और अपनी श्रद्धा प्रकट की. आम की आंगी से सजे इस दरबार ने लोगों को प्रकृति और भक्ति के सुंदर मेल का संदेश दिया. आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया.
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उदयपुर: उदयपुर शहर के सेक्टर 14 स्थित काली कल्याण धाम में बुधवार को धार्मिक आस्था और उत्साह का अनूठा दृश्य देखने को मिला. यहां भगवान कल्लाजी बावजी को विशेष रूप से आम की आंगी अर्पित की गई. इस आयोजन में मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन व पूजा के लिए पहुंचे.
मंदिर में भगवान को अलग-अलग किस्म के स्वादिष्ट और आकर्षक आमों से सजाकर भोग लगाया गया.रंग-बिरंगे आमों से सजी आंगी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया. जैसे ही भगवान को भोग अर्पित किया गया, पूरा परिसर जयकारों और भजनों से गूंज उठा.श्रद्धालुओं ने पूरे भाव और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की और भगवान का आशीर्वाद लिया.
शीतलता और मिठास का प्रतीक माना जातामंदिर के महंत हेमंत जोशी ने बताया कि इस बार कुल 151 किलो आम का भोग भगवान को अर्पित किया गया. उन्होंने कहा कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसमें प्रकृति के फलों के माध्यम से भगवान को प्रसन्न करने का प्रयास किया जाता है.आम को विशेष रूप से गर्मी के मौसम में शीतलता और मिठास का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसका भोग अर्पित करना खास महत्व रखता है.
सेवा और समर्पण की भावना साफ दिखाई दीपूजा-अर्चना के बाद परंपरा के अनुसार चढ़ाए गए सभी आमों को पास की गौशाला में ले जाया गया, जहां गौ माता को खिलाया गया. इस सेवा कार्य में भी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. कई भक्त स्वयं आम लेकर गौशाला पहुंचे और गौ सेवा में भागीदारी निभाई. इस दौरान लोगों में सेवा और समर्पण की भावना साफ दिखाई दी.
श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहाआयोजन के दौरान महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित हर वर्ग के लोगों की सक्रिय भागीदारी रही. भक्तों ने न केवल धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया, बल्कि एक-दूसरे के साथ मिलकर सामूहिक एकता और सहयोग का भी संदेश दिया. मंदिर परिसर में पूरे दिन रौनक बनी रही और श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा.
इस तरह के धार्मिक आयोजनों से जहां लोगों की आस्था मजबूत होती है, वहीं समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है. काली कल्याण धाम में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया कि धर्म के साथ सेवा और समाजिक जुड़ाव भी उतना ही जरूरी है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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