सिर्फ हथियार से नहीं जीती जाएगी जंग… जयपुर कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री का बड़ा दावा, दुश्मन को झुकाने वाली रणनीति का दिया संकेत

Last Updated:May 08, 2026, 17:15 IST
Rajnath Singh In Jaipur Joint Commanders Conference: जयपुर जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की नई तेज सैन्य क्षमता की मिसाल बताया, एआई आधारित संयुक्त युद्ध तैयारी पर जोर दिया. ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हए उन्होंने बताया कि यह हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशन था, जिसे कम समय में गहराई तक जाकर अंजाम दिया गया. उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई ने दुश्मन को झुकने पर मजबूर कर दिया.
जयपुर जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में राजनाथ का ऑपरेशन सिंदूर संदेश
जयपुर. जयपुर में हुई जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना की नई रणनीति और बदलते युद्ध के तरीके को लेकर बड़ा संदेश दिया. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि भारत की नई ताकत और तैयारी की झलक थी. उनके मुताबिक इस ऑपरेशन ने दिखा दिया कि भारत अब तेज फैसले लेने और कम समय में सटीक कार्रवाई करने की क्षमता रखता है.
रक्षा मंत्री ने कहा कि यह हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशन था, जिसे कम समय में गहराई तक जाकर अंजाम दिया गया. उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई ने दुश्मन को झुकने पर मजबूर कर दिया. हालांकि उन्होंने ऑपरेशन के तकनीकी या रणनीतिक पहलुओं पर ज्यादा विस्तार से बात नहीं की, लेकिन इतना जरूर कहा कि आने वाले समय में इसी तरह की संयुक्त और तेज कार्रवाई की जरूरत बढ़ेगी.
भविष्य की लड़ाई सिर्फ हथियारों से नहीं जीती जाएगीकॉन्फ्रेंस के दौरान राजनाथ सिंह ने साफ कहा कि आने वाले युद्ध पहले जैसे नहीं होंगे. अब सिर्फ बंदूक और मिसाइल ही सब कुछ तय नहीं करेंगी. उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, ऑटोनॉमस सिस्टम, डेटा एनालिटिक्स और सुरक्षित कम्युनिकेशन नेटवर्क भविष्य के युद्ध का बड़ा हिस्सा बनने वाले हैं.
उनका कहना था कि दुनिया तेजी से बदल रही है और सुरक्षा से जुड़े खतरे भी नए रूप ले रहे हैं. ऐसे में सेना को भी लगातार खुद को बदलना होगा. उन्होंने सेना के कमांडर्स से कहा कि सिर्फ आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाले समय की तैयारी भी अभी से करनी होगी.
तीनों सेनाओं के तालमेल पर जोररक्षा मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि भविष्य की लड़ाइयां अकेली सेना नहीं जीत सकती. इसके लिए थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी होगा. उन्होंने कहा कि नई सोच और तकनीक के साथ अगर तीनों सेनाएं मिलकर काम करेंगी, तभी भारत दुश्मन पर बढ़त बनाए रख पाएगा.
उन्होंने एलिमेंट ऑफ सरप्राइज यानी अचानक और अप्रत्याशित रणनीति को भी बहुत अहम बताया. उनका कहना था कि दुश्मन को तब सबसे ज्यादा नुकसान होता है, जब उसे अंदाजा ही न हो कि अगला कदम क्या होने वाला है. इसलिए आधुनिक युद्ध में रणनीति और समय दोनों बहुत मायने रखते हैं.
रक्षा मंत्री के बयान के हैं बड़े मायनेजयपुर में हुई इस कॉन्फ्रेंस को सिर्फ एक सामान्य बैठक नहीं माना जा रहा. इसे भारतीय सेना की आने वाली दिशा और नई तैयारी के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है. रक्षा मंत्री के बयान से साफ है कि अब फोकस सिर्फ ताकत बढ़ाने पर नहीं, बल्कि स्मार्ट और तेज सैन्य क्षमता तैयार करने पर भी है.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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