उदयपुर जगदीश मंदिर में 374वां ध्वज महोत्सव! 79 फीट शिखर पर फहराई नई ध्वजा, आस्था से गूंजा परिसर

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उदयपुर जगदीश मंदिर में 374वां ध्वज महोत्सव! 79 फीट शिखर पर फहराई नई ध्वजा
Last Updated:May 08, 2026, 17:47 IST
Udaipur Jagdish Temple 374th Flag Festival: उदयपुर के प्रसिद्ध जगदीश मंदिर में शुक्रवार को 374वां ध्वज महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया. सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना हुई. 79 फीट ऊंचे शिखर पर नई ध्वजा फहराई गई, जिससे पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा. पुरानी ध्वजा को सम्मानपूर्वक उतारकर नई ध्वजा स्थापित की गई. हवन, भजन-कीर्तन और विशेष श्रृंगार के साथ दिनभर धार्मिक आयोजन हुए. यह परंपरा महाराणा राज सिंह के समय से चली आ रही है और आज भी उदयपुर की आस्था और संस्कृति की पहचान बनी हुई है.
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उदयपुर. लेक सिटी उदयपुर के प्रसिद्ध जगदीश मंदिर में शुक्रवार को 374वां ध्वज महोत्सव बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया. सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी. करीब 375 साल पुरानी परंपरा को निभाते हुए मंदिर के 79 फीट ऊंचे शिखर पर नई ध्वजा चढ़ाई गई. इस खास अवसर को देखने और ध्वजा के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे. पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला.
मंदिर के पुजारी रामगोपाल ने बताया कि ध्वजा उत्सव के तहत सुबह विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना शुरू हुई. सबसे पहले मंदिर की पुरानी ध्वजा को सम्मानपूर्वक उतारा गया और उसके बाद नई ध्वजा को शिखर पर चढ़ाया गया. जैसे ही नई ध्वजा फहराई गई, मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा. श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर ध्वजा के दर्शन किए और भगवान जगदीश का आशीर्वाद लिया.
भक्तों की लगी रही लंबी कतारें
ध्वजा उत्सव के दौरान मंदिर में हवन, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया गया. भगवान जगदीश को विशेष श्रृंगार कराया गया. रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक वस्त्रों से सजे भगवान के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं. इसके साथ ही मंदिर में विशेष भोग अर्पित किया गया. शाम तक भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा, जिसमें श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए. बताया जाता है कि यह परंपरा महाराणा राज सिंह के समय से चली आ रही है. मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद से हर वर्ष ध्वजा महोत्सव मनाया जाता है. इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष 374वां ध्वज महोत्सव आयोजित किया गया.
उदयपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है ध्वज उत्सव
स्थानीय लोगों के अनुसार यह उत्सव उदयपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है. ध्वजा उत्सव को लेकर मंदिर परिसर और आस-पास के बाजारों में भी खास रौनक देखने को मिली. श्रद्धालुओं ने परिवार सहित मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की. आयोजन को लेकर मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन की ओर से भी व्यवस्थाएं की गई थीं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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Location :
Udaipur,Rajasthan



