Jhunjhunu JEN Video | झुंझुनूं में पेयजल संकट, महिलाओं का फूट पड़ा गुस्सा, JEN अंतरा मीणा रो पड़ीं

झुंझुनूं. झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ इलाके से सामने आई यह तस्वीर सिर्फ पानी की कमी की कहानी नहीं है, बल्कि कई महीनों से जमा हो रहे गुस्से की भी है. ढाणियां पंचायत में पेयजल संकट को लेकर महिलाओं का धैर्य आखिर टूट गया. जब जलदाय विभाग की जेईएन अंतरा मीणा मौके पर पहुंचीं तो गांव की महिलाएं पहले से ही नाराज बैठी थीं. देखते ही देखते माहौल इतना गर्म हो गया कि महिलाओं ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और जमकर नाराजगी जताई. हालात ऐसे बने कि आखिरकार जेईएन अंतरा मीणा की आंखों से आंसू निकल पड़े.
गांव के लोगों का कहना है कि पिछले पांच-छह महीनों से पानी की समस्या लगातार बनी हुई है. गांव में पानी की टंकी भी है और दो ट्यूबवेल भी मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद नियमित पानी नहीं मिल रहा. लोगों का आरोप है कि ढाणी का पानी शहर की तरफ भेजा जा रहा है, जबकि गांव वाले खुद बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं. कई घरों में तो गंदा पानी पहुंचने की भी शिकायत सामने आई है.
दो से पांच मिनट की सप्लाई, टैंकरों के भरोसे लोगग्रामीणों के मुताबिक सुबह के समय सिर्फ दो से पांच मिनट तक पानी की सप्लाई होती है. इतने कम समय में पूरा घर कैसे चले, यही सवाल लोग पूछ रहे हैं. कई परिवारों को मजबूरी में टैंकर मंगवाकर काम चलाना पड़ रहा है. गर्मी बढ़ने के साथ परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है.
इसी नाराजगी के बीच जब जेईएन अंतरा मीणा गांव पहुंचीं तो महिलाएं बड़ी संख्या में वहां जमा हो गईं. किसी ने कहा, ‘हमारे घरों में पीने का पानी तक नहीं है’, तो कोई बोला, ‘हर बार टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं.’ महिलाओं के शब्दों में गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था. विरोध बढ़ता देख जेईएन गाड़ी में जाकर बैठ गईं, लेकिन महिलाएं वहीं डटी रहीं और गाड़ी के चारों तरफ भीड़ लग गई.
बहस के बीच रो पड़ी जेईएन, गांव में भावुक माहौलकुछ देर तक लगातार बहस और आरोप चलते रहे. महिलाओं ने कहा कि महीनों से शिकायत की जा रही है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही. इसी दौरान अचानक माहौल बदल गया, जब जेईएन अंतरा मीणा रोने लगीं. उन्हें रोता देख कुछ पल के लिए वहां मौजूद लोग भी शांत हो गए.
तभी एक महिला ने कहा, ‘हम तो कई दिनों से रो रहे हैं, तुम तो आज रो रही हो.’ यह बात वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई. इस दौरान जेईएन ने फोन पर अधिकारियों को जानकारी दी कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है और हाथ उठाने की कोशिश हुई है. हालांकि गांव के कुछ युवकों ने बीच-बचाव किया और महिलाओं को शांत करने की कोशिश की.
भाजपा नेता राजेश कटेवा भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि गांव का पानी गांव के लोगों को मिलना चाहिए. वहीं रामनिवास सैनी ने आरोप लगाया कि ढाणियां पंचायत के लिए बने ट्यूबवेलों का पानी शहर में भेजा जा रहा है. उनके मुताबिक करीब 500 परिवार इस परेशानी से प्रभावित हैं.
दूसरी तरफ जेईएन अंतरा मीणा का कहना है कि वे एक्सईएन के निर्देश पर वहां पहुंची थीं. उन्हें सूचना मिली थी कि कर्मचारियों की बाइक की चाबी छीनी गई है, उसी मामले को देखने वे गांव आई थीं. उन्होंने कहा कि मौके पर उनके साथ गलत व्यवहार हुआ.



