पत्नी की तलवार से हत्या करने वाले शख्स को उम्रकैद, जज बोले- स्त्री की रक्षा पति के आचरण से होती है

Last Updated:May 09, 2026, 16:18 IST
Balotra Murder Case Judgement: बालोतरा के पटाउ खुर्द गांव में पत्नी की तलवार से हत्या करने के करीब सात साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी पति सोहनलाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश एमआर सुथार ने आरोपी पर 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया. अप्रैल 2018 में आरोपी ने घरेलू विवाद के दौरान पत्नी दुर्गा कंवर पर तलवार से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी. कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना. फैसले के दौरान न्यायाधीश की मार्मिक टिप्पणी भी चर्चा में रही.
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पत्नी की तलवार से हत्या करने वाले पति को कोर्ट ले सुनाई उम्रकैद की सजर
बालोतरा. पत्नी की तलवार से हत्या करने के करीब सात साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश एमआर सुथार ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी सोहनलाल को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया. यह मामला अप्रैल 2018 का है, जब बालोतरा क्षेत्र के पटाउ खुर्द गांव में दुर्गा कंवर की बेरहमी से तलवार से हत्या कर दी गई थी.
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना के दिन आरोपी सोहनलाल और उसकी पत्नी दुर्गा कंवर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर तलवार से पत्नी पर हमला कर दिया. तलवार के वार से दुर्गा कंवर गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई थी. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया. इसके बाद आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई.
सबूतों के आधार पर कोर्ट ने सोहनलाल को दोषी पाया
पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए और गवाहों के बयान दर्ज किए गए. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए. अदालत ने सभी तथ्यों और सबूतों का परीक्षण करने के बाद आरोपी सोहनलाल को हत्या का दोषी माना.
फैसला सुनाते वक्त न्यायाधीश ने की मार्मिक टिपण्णी
फैसला सुनाते समय न्यायाधीश एमआर सुथार ने एक मार्मिक टिप्पणी भी की. उन्होंने अयोध्या कांड के एक श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि “एक स्त्री की असली रक्षा घर, कपड़े या दीवारें नहीं करती हैं, बल्कि उसका असली रक्षक पति का चरित्र और आचरण होता है.” अदालत ने कहा कि जिस व्यक्ति पर पत्नी की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी थी, उसी ने बिना किसी ठोस कारण के उसकी हत्या कर दी, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है. फैसले के बाद मृतका के परिजनों ने न्याय मिलने पर संतोष जताया.About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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Location :
Balotra,Barmer,Rajasthan



