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Ajab Gajab: भीलवाड़ा की ये गलियां हैं या भूलभुलैया? यहां गूगल मैप भी खा जाता है चक्कर

Last Updated:May 09, 2026, 17:56 IST

Bhilwara Unique Narrow Lanes: भीलवाड़ा का गुल मंडी क्षेत्र अपनी बेहद संकरी और पुरानी गलियों के कारण खास पहचान रखता है. यहां की गलियां इतनी पतली हैं कि दो मोटरसाइकिल आमने-सामने आ जाएं तो निकलना मुश्किल हो जाता है. स्थानीय लोगों के अनुसार यह भीलवाड़ा का सबसे पुराना इलाका है और यहीं से शहर की बसावट शुरू हुई थी. खास बात यह है कि यहां मोबाइल नेटवर्क भी कई जगह काम नहीं करता और गूगल मैप भी रास्ता बताने में फेल हो जाता है. अनजान व्यक्ति एक बार अंदर आ जाए तो बाहर निकलने में काफी परेशानी होती है.

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भीलवाड़ा. आज के आधुनिक दौर में शहर हो या गांव, जानी-पहचानी जगह हो या अनजान इलाका, लोग सबसे ज्यादा गूगल मैप का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन आज हम आपको भीलवाड़ा शहर के एक ऐसे इलाके के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां की तंग और संकरी गलियों के आगे गूगल मैप भी फेल हो जाता है. भीलवाड़ा में एक ऐसी जगह है, जहां पहुंचकर गूगल मैप भी सही रास्ता नहीं बता पाता. शहर में करीब आधा दर्जन ऐसी गलियां हैं, जो इतनी संकरी हैं कि वहां से आसानी से निकल पाना मुश्किल हो जाता है.

भीलवाड़ा शहर के गुल मंडी क्षेत्र में जाने से पहले हर व्यक्ति कई बार सोचता है, क्योंकि यहां की गलियां लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं. अगर कोई अनजान व्यक्ति एक बार इन गलियों में प्रवेश कर जाए, तो वह आसानी से बाहर नहीं निकल पाता. भीलवाड़ा शहर के गुल मंडी से मंगला चौक और रावला चौक के बीच की गलियां इतनी पतली हैं कि यहां पहुंचने वाला व्यक्ति आसानी से बाहर का रास्ता नहीं ढूंढ पाता.

भीलवाड़ा शहर का है सबसे पुराना इलाका

गुल मंडी क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद अकरम शेख ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि यह भीलवाड़ा का सबसे पुराना इलाका है और यहीं से शहर की बसावट की शुरुआत हुई थी. यह क्षेत्र आज भी पुराने स्वरूप में बना हुआ है. उन्होंने बताया कि गुल मंडी क्षेत्र की गलियां बेहद संकरी हैं. यहां कई ऐसी गलियां हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क भी ठीक से काम नहीं करता और गूगल मैप भी रास्ता दिखाने में असफल हो जाता है. इलाके में करीब 8 से 10 ऐसी गलियां हैं, जिनकी चौड़ाई बहुत कम है.

वर्षो पुरानी गलियों का स्वरूप आज भी बरकरार

उन्हाेंने बताया कि यहां अगर दो मोटरसाइकिल आमने-सामने आ जाएं तो निकलना मुश्किल हो जाता है. बड़ी गाड़ी या कार का प्रवेश तो लगभग नामुमकिन है. यह पुराना भीलवाड़ा क्षेत्र है और माना जाता है कि सबसे पहले लोग यहीं आकर बसे थे. गलियों की बात करें तो भीलवाड़ा में यह इकलौता इलाका है, जहां इतनी संकरी गलियां देखने को मिलती हैं. खास बात यह है कि वर्षों पुराने होने के बावजूद इन गलियों का स्वरूप आज भी वैसा ही बना हुआ है.

एक बार आने के बाद निकलना मुश्किल

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति पहली बार इन गलियों में आ जाए, तो उसे बाहर निकलने में काफी परेशानी होती है. यहां कार या बड़ी गाड़ी के प्रवेश का कोई रास्ता नहीं है. कई बार लोगों को बाहर निकलने के लिए आस-पास के लोगों से रास्ता पूछना पड़ता है, क्योंकि यहां गूगल मैप भी सही तरीके से काम नहीं करता.

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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Location :

Bhilwara,Rajasthan

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