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राजस्थान स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा कदम! भीलवाड़ा की मातृ-शिशु यूनिट में अब मिनटों में मिलेगा इमरजेंसी ट्रीटमेंट

Last Updated:May 10, 2026, 07:25 IST

Bhilwara Latest News: भीलवाड़ा की मातृ-शिशु इकाई में नई इमरजेंसी सुविधा शुरू होने से प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं को बड़ी राहत मिली है. अब गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान आपात स्थिति में अलग-अलग विभागों में भटकना नहीं पड़ेगा, क्योंकि एक ही स्थान पर त्वरित इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करना और समय पर बेहतर चिकित्सा सेवा देना है. यूनिट में आवश्यक चिकित्सा उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था की गई है, ताकि इमरजेंसी मामलों को तुरंत संभाला जा सके. इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को भी काफी लाभ मिलेगा.

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भीलवाड़ा: भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल की मातृ एवं शिशु इकाई में अब आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाया गया है. अस्पताल परिसर में नए इमरजेंसी ब्लॉक की शुरुआत होने से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को त्वरित उपचार की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगी. खास बात यह है कि प्रसव पीड़ा में आई महिला का जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी वार्ड में ही सुरक्षित प्रसव कराया जा सकेगा, जिससे समय की बचत होगी और जोखिम कम होगा. पहले मरीजों को अलग-अलग वार्डों में ले जाने में देरी होती थी, लेकिन अब यह नई व्यवस्था राहत देने वाली साबित होगी.

नए इमरजेंसी ब्लॉक में ऑक्सीजन और मॉनिटर से लैस बेड, पर्ची काउंटर, रजिस्ट्रेशन, दवा वितरण केंद्र और विशेषज्ञ डॉक्टरों के कक्ष एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराए गए हैं. बच्चों के लिए नेबुलाइजेशन और केनुला जैसी सुविधाएं भी यहीं मिलेंगी. ओपीडी समय के बाद दोपहर 2 बजे से सुबह 8 बजे तक यह यूनिट पूरी तरह सक्रिय रहेगी. साथ ही, पूरे परिसर में सीसीटीवी निगरानी और नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था लागू की गई है, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था दोनों मजबूत होंगी.

शिशु इकाई में इमरजेंसी सेवाओं की नई व्यवस्था शुरूमहात्मा गांधी अस्पताल की मातृ एवं शिशु इकाई में इमरजेंसी सेवाओं की नई व्यवस्था शुरू हो गई है. यहां अलग से बनाए गए नए ब्लॉक में आपातकालीन विभाग शुरू किया गया है. अब मरीजों को एक ही जगह पर तुरंत इलाज मिल सकेगा. सबसे बड़ी सुविधा यह है कि प्रसव पीड़ा में आई महिला का जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी वार्ड में ही प्रसव कराया जा सकेगा. इसके लिए ऑक्सीजन और मॉनिटर से लैस बेड लगाए गए हैं. मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में प्रसव पीड़ा में आई महिला को अंदर लेबर रूम तक ले जाने में काफी समय लग जाता है. अब इमरजेंसी की नई सुविधा का लाभ मिल सकेगा. नेबुलाइजेशन और केनुला लगाने के लिए बच्चों को अलग-अलग वार्ड में भेजने की जरूरत नहीं होगी. ओपीडी समय के बाद दोपहर 2 बजे से सुबह 8 बजे तक यह इमरजेंसी यूनिट पूरी तरह सक्रिय रहेगी. इमरजेंसी ब्लॉक एमसीएच परिसर में हरिशेवा छाया के पास बने भवन में शुरू हो गया है.

एक ही जगह जरूरी सेवाएंअस्पताल अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि नए इमरजेंसी ब्लॉक में पर्ची काउंटर, रजिस्ट्रेशन, दवा वितरण केंद्र, डॉक्टर कक्ष के साथ गायनिक और बाल रोग विशेषज्ञों के अलग कक्ष बनाए गए हैं. इससे मरीजों और परिजनों को अलग-अलग जगह भटकना नहीं पड़ेगा. पूरे परिसर को अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों से कवर किया गया है, जिससे अस्पताल अधीक्षक सीधे निगरानी रख सकेंगे. ओपीडी समय के बाद मातृ-शिशु इकाई का मुख्य दरवाजा बंद रहेगा. बिना पास इंडोर में प्रवेश नहीं मिलेगा.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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Bhilwara,Rajasthan

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