10 हजार कदम या 30 मिनट की एक्सरसाइज? सेहत के लिए कौन सा विकल्प है ज्यादा बेहतर, जानिए

Best Exercise For Health : आजकल फिट रहने के लिए दो सबसे आम सलाह दी जाती हैं. रोज़ाना 10,000 कदम चलना या कम से कम 30 मिनट तक एक्सरसाइज़ करना. लेकिन सवाल यह है कि आपकी सेहत के लिए इनमें से कौन-सा ज़्यादा फ़ायदेमंद है? क्या रोज़ाना 10,000 कदम चलना काफ़ी है, या 30 मिनट का वर्कआउट बेहतर नतीजे दे सकता है? इसका जवाब आपके फ़िटनेस लेवल, उम्र, लक्ष्यों और रोज़ाना की गतिविधियों पर निर्भर करता है…
10,000 कदम चलने के फ़ायदेरोज़ाना चलना शरीर को एक्टिव रखने का एक आसान तरीका है. नियमित रूप से चलने से रोज़ाना की शारीरिक गतिविधि बढ़ती है और लंबे समय तक बैठे रहने जैसी आदतों को कम करने में मदद मिल सकती है. तेज़ी से चलने से आपकी हार्ट रेट बढ़ती है, जिससे कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस बेहतर हो सकती है.
10,000 कदम का लक्ष्य हर किसी के लिए ज़रूरी या अनिवार्य नहीं है. अगर आप अभी बहुत कम चलते हैं, तो अचानक 10,000 कदम का लक्ष्य रखने के बजाय धीरे-धीरे अपनी गतिविधि का स्तर बढ़ाना ज़्यादा व्यावहारिक है. कुछ लोगों के लिए, कम कदम चलना भी सेहत के लिए फ़ायदेमंद हो सकता है.
30 मिनट का वर्कआउट क्यों खास है?30 मिनट के वर्कआउट में आप अपनी ज़रूरतों के हिसाब से कई तरह की एक्सरसाइज़ कर सकते हैं. कार्डियो एक्सरसाइज़ जैसे तेज़ी से चलना, साइकिल चलाना या तैरना दिल और फेफड़ों की फ़िटनेस को बेहतर बना सकती हैं, जबकि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मांसपेशियों और शारीरिक ताकत को बनाए रखने में मदद करती है.
अगर आपका लक्ष्य सिर्फ़ एक्टिव रहना नहीं है, बल्कि मांसपेशियों की ताकत, संतुलन और ओवरऑल फ़िटनेस को बेहतर बनाना भी है, तो सिर्फ़ कदम गिनने के बजाय अपनी दिनचर्या में कई तरह की एक्सरसाइज़ शामिल करना ज़्यादा फ़ायदेमंद हो सकता है.
कौन सा विकल्प बेहतर है?अगर आप इनमें से किसी एक विकल्प को ही चुनना चाहते हैं, तो नियमित और संतुलित 30 मिनट का वर्कआउट ज़्यादा फ़ायदेमंद हो सकता है खासकर तब जब इसमें कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दोनों शामिल हों हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि 10,000 कदम चलना कम फ़ायदेमंद है.
सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप दोनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। हर दिन ज़्यादा चलने की कोशिश करें और साथ ही पूरे हफ़्ते नियमित रूप से कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी करें. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन (WHO) की सलाह है कि वयस्क हफ़्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करें और साथ ही कम से कम दो दिन मांसपेशियों को मज़बूत करने वाली गतिविधियाँ भी करें.



