75 सालों में… मंच पर बैठे थे CJI सूर्यकांत, वहीं सरकार और अदालतों में टकराव पर अमित शाह कह गए बड़ी बात

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मंच पर बैठे थे CJI सूर्यकांत, सरकार और अदालतों में टकराव पर बोल गए अमित शाह
Last Updated:May 10, 2026, 20:21 IST
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह हम सभी के लिए बेहद संतोष की बात है कि देश में संवैधानिक मर्यादाएं और संस्थागत परंपराएं हमेशा कायम रही हैं. उन्होंने कहा कि परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के जरिए इन्हें लगातार और मजबूत किया गया है.
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अमित शाह ने कहा कि कार्यपालिका और न्यायपालिका के संतुलन को और मजबूत किया जाना चाहिए.
नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को संविधान, न्यायपालिका और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि देश की जनता के मन में यह गहरा विश्वास है कि यदि उनके साथ अन्याय होता है, तो संविधान उनकी रक्षा के लिए हमेशा जागृत खड़ा रहता है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, “अगर किसी नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो न्याय के द्वार खुले रहते हैं और किसी भी कमजोर व्यक्ति या विचार की आवाज दबाने की कोशिश की जाती है, तो अदालतें उसे जरूर सुनती हैं.
वह भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा लिखित दो पुस्तकों The Bench, the Bar, & the Bizarre और The Lawful and the Awful के विमोचन समारोह में बोल रहे थे. इस दौरान मंच पर प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत भी मौजूद थे. गृह मंत्री शाह ने कहा कि यह पूरे देश के लिए संतोष की बात है कि भारत में संवैधानिक मर्यादाएं और संस्थागत परंपराएं लगातार कायम रही हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और परंपराओं के जरिए इन संस्थाओं को लगातार मजबूत किया गया है.
अमित शाह ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत टकराव में नहीं, बल्कि संस्थाओं के बीच संतुलन और आपसी सम्मान में होती है. उन्होंने कहा, “जब मैं आपसी सम्मान की बात करता हूं, तो हमारा संविधान स्वयं कई तरीकों से इसका उदाहरण पेश करता है और हम सभी ने इसे देखा भी है.”
उन्होंने आगे कहा कि पिछले 75 वर्षों में कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच जो स्वस्थ परंपरा विकसित हुई है, उसने लोकतंत्र को मजबूती देने का काम किया है. इस संतुलन को भविष्य में भी और मजबूत बनाए रखने की जरूरत है. गृह मंत्री ने कहा कि सभी संस्थाओं को मिलकर इस लोकतांत्रिक परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि संविधान की भावना और नागरिकों का भरोसा हमेशा कायम रहे.
About the AuthorRakesh Ranjan Kumar
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
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