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थलापति विजय के सामने एक और चैलेंज, आगे कैसे चलेगा काम – thalapathy vijay government cabinet expansion several departments still vacant no minister

चेन्नई. तमिलनाडु की नई बनी सरकार में कई बड़े विभागों को अभी तक मंत्री नहीं मिले हैं. इससे जल्द ही कैबिनेट विस्तार की उम्मीदें बढ़ गई हैं, क्योंकि विजय के नेतृत्व वाला प्रशासन अब अपना कामकाज संभाल रहा है. कृषि, राजस्व, वन, आवास, परिवहन, उच्च शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और पर्यटन जैसे अहम विभाग अभी भी बिना मंत्रियों के हैं. इससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में और नियुक्तियों की घोषणा की जा सकती है.

तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सदस्य हैं. भारत के संविधान के अनुच्छेद 164(1ए) के तहत, किसी राज्य में मंत्रियों की कुल संख्या (मुख्यमंत्री सहित) विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती. इस हिसाब से, तमिलनाडु की मंत्रिपरिषद में ज्यादा से ज्यादा 35 मंत्री हो सकते हैं. अभी मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और नौ मंत्रियों ने शपथ ली है. ऐसे में कैबिनेट में शामिल होने के लिए अभी भी 25 और सदस्यों के लिए जगह बाकी है. गठबंधन के साथियों और सहयोगी समूहों को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने के बारे में राजनीतिक चर्चाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं.

क्‍या है हिसाब-किताब

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी (जिसने सत्ताधारी गठबंधन को समर्थन दिया है) को इस संभावित कैबिनेट विस्तार में दो मंत्री पद मिल सकते हैं. हालांकि, कुछ सहयोगी पार्टियों के कैबिनेट में प्रतिनिधित्व मांगने की संभावना कम है. सरकार ने हाल ही में मुख्यमंत्री और उन मंत्रियों के विभागों का बंटवारा किया है, जिन्होंने पहले ही अपना कार्यभार संभाल लिया है. विजय ने गृह और पुलिस से जुड़े विभागों जैसी अहम जिम्मेदारियां अपने पास रखी हैं. एन आनंद को ग्रामीण विकास, आधव अर्जुन को लोक निर्माण, केजी अरुणराज को स्वास्थ्य विभाग दिया गया है जबकि केए सेंगोत्तैयन को वित्त विभाग सौंपा गया है.

कई विभाग में कोई मंत्री नहीं

हालांकि, अभी भी कई अहम विभाग बिना मंत्रियों के हैं. इनमें वन, कृषि, राजस्व, आवास, सहकारिता, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), समाज कल्याण, मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी विकास, पर्यटन, हथकरघा, वाणिज्यिक कर, परिवहन, हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती, उच्च शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, अल्पसंख्यक कल्याण, श्रम कल्याण, द्रविड़ कल्याण और मानव संसाधन प्रबंधन शामिल हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना ​​है कि इन विभागों का बंटवारा कैबिनेट विस्तार के अगले चरण में होने की संभावना है. इस चरण में और मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है और शायद गठबंधन के साथियों को भी प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है.

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