Adhikmaas | Dharm News | उदयपुर श्रीनाथजी मंदिर में अधिक मास छप्पन भोग मनोरथ सम्पन्न

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अधिक मास अंतिम दिन श्रीनाथजी मंदिर में सजा छप्पन भोग, भक्तों का उमड़ा जनसैलाब
Last Updated:June 16, 2026, 10:29 IST
Udaipur Shreenathji Temple : उदयपुर के श्रीनाथजी मंदिर में अधिक मास समापन पर भव्य छप्पन भोग मनोरथ, 351 प्रकार के भोग अर्पित, तिलकायत महाराज श्री सहित हजारों श्रद्धालु शामिल रहे. मंदिर प्रशासन के अनुसार अधिक मास के इस विशेष छप्पन भोग में प्रभु को 351 प्रकार की बालभोग सामग्री अर्पित की गई. इनमें दूधघर, शाकघर, अनसकड़ी सहित विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यंजन और भोग शामिल थे.
उदयपुर. पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर में चल रहे अधिक मास के समापन अवसर पर भव्य छप्पन भोग मनोरथ का आयोजन किया गया. अधिक ज्येष्ठ अमावस्या के पावन अवसर पर आयोजित इस विशेष मनोरथ में बड़ी संख्या में वैष्णव श्रद्धालुओं ने प्रभु के अलौकिक दर्शन किए. मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और पूरे दिन भक्ति एवं उत्साह का माहौल बना रहा.
राजभोग दर्शन के दौरान श्रीनाथजी प्रभु और लाडले लाल प्रभु को एक साथ विराजित कर विशेष छप्पन भोग अर्पित किया गया. इस अवसर पर तिलकायत महाराज श्री, श्री विशाल बावा और श्री लाल बावा की गरिमामयी उपस्थिति रही. उन्होंने प्रभु को भोग अर्पित कर आरती उतारी तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनोरथ संपन्न कराया.
351 प्रकार की भोग सामग्री अर्पितमंदिर प्रशासन के अनुसार अधिक मास के इस विशेष छप्पन भोग में प्रभु को 351 प्रकार की बालभोग सामग्री अर्पित की गई. इनमें दूधघर, शाकघर, अनसकड़ी सहित विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यंजन और भोग शामिल थे. भोग सामग्री को मंदिर के मणि कोठा, डोल तिबारी और रतन चौक में सजाया गया. इसके बाद विधिवत भोग अर्पित कर श्रद्धालुओं के लिए दर्शन खोले गए. मनोरथ के दौरान तिलकायत महाराज श्री, श्री विशाल बावा और श्री लाल बावा ने वल्लभ कुल के सदस्यों के साथ प्रभु की आरती की और भक्ति भाव से सेवा की. छप्पन भोग मनोरथ से जुड़े परिवार का सम्मान करते हुए उन्हें ऊपरना ओढ़ाया गया और प्रसाद प्रदान कर आशीर्वाद दिया गया.
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुअधिक मास के समापन पर आयोजित इस विशेष मनोरथ को देखने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे. दर्शन के दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने प्रभु की मनोहारी झांकी के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया. उष्णकाल को ध्यान में रखते हुए प्रभु का विशेष शृंगार भी किया गया. प्रभु को मलमल के वस्त्र धारण कराए गए तथा मस्तक पर घेरा और गोकर्ण सजाया गया. मंदिर में छप्पन भोग भाव वाली विशेष पिछवाई भी सजाई गई. आभूषण सेवा में मोतियों की बनमाला, विभिन्न मालाएं, कर्णकुंडल तथा करकमलों में वेणु और वेत्र अर्पित किए गए. वहीं प्रभु के समक्ष पारंपरिक सजावट भी की गई. श्रद्धालुओं का मानना है कि अधिक मास में होने वाले ऐसे विशेष मनोरथ और दर्शन उन्हें आध्यात्मिक आनंद प्रदान करते हैं.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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Location :
Udaipur,Rajasthan



