RU में बवाल! पीएचडी में आरक्षण पर घेराव, प्रोफेसर को कमरे में रोका; परीक्षा में प्रश्नपत्र की जगह बांटी आंसर की

Last Updated:June 18, 2026, 14:52 IST
Rajasthan University Controversy: राजस्थान विश्वविद्यालय दो बड़े विवादों के चलते सुर्खियों में है. पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में ओबीसी, एससी, एसटी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग को आरक्षण नहीं देने के आरोपों को लेकर छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया है. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पीएचडी प्रवेश कन्वीनर प्रो. एस.के. गुप्ता को उनके कक्ष में रोककर विरोध जताया. दूसरी ओर एमए समाजशास्त्र द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में प्रश्नपत्र की जगह आंसर की बांटने की बड़ी चूक सामने आई. करीब 300 छात्रों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर 27 जून को दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया है.
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राजस्थान विश्वविद्यालय दो बड़े विवादों के चलते सुर्खियों में है
जयपुर. राजस्थान विश्वविद्यालय इन दिनों दो बड़े विवादों को लेकर चर्चा में है. एक ओर पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में आरक्षण लागू नहीं करने के आरोपों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है, वहीं दूसरी ओर एमए समाजशास्त्र की परीक्षा में हुई गंभीर गड़बड़ी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. दोनों मामलों को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर ओबीसी, एससी, एसटी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरक्षण नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है.
छात्रों का कहना है कि पीएचडी प्रवेश में आरक्षित वर्गों को उनका निर्धारित प्रतिनिधित्व नहीं दिया जा रहा है. इसी मांग को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया है. विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी छात्रों ने पीएचडी प्रवेश कन्वीनर प्रो. एस.के. गुप्ता को उनके कक्ष में ही रोक लिया. छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रवेश प्रक्रिया में नियमों और आरक्षण नीति की पालना नहीं की जा रही है. प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता नीरज खीचड़ और डॉ. रामसिंह सामोता कर रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी नियमों को लागू नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
विश्वविद्यालय की बड़ी प्रशासनिक चूक बनी विवाद की वजह
इसी बीच विश्वविद्यालय एक और बड़ी प्रशासनिक चूक के कारण विवादों में आ गया. मंगलवार को आयोजित एमए समाजशास्त्र द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में प्रश्नपत्र के स्थान पर छात्रों को उत्तर कुंजी (आंसर की) बांट दी गई. परीक्षा शुरू होते ही छात्रों को इस गंभीर गलती का पता चला, जिसके बाद परीक्षा केंद्रों पर हंगामा मच गया. करीब 300 छात्रों ने इस गड़बड़ी का विरोध करते हुए परीक्षा देने से इनकार कर दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. छात्रों का कहना था कि इतनी बड़ी लापरवाही से परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं. मामले की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया गया.
राजस्थान विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर उठ रहे गंभीर सवाल
विश्वविद्यालय प्रशासन ने घोषणा की है कि एमए समाजशास्त्र द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा अब 27 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए नई परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी. लगातार सामने आ रहे इन विवादों ने राजस्थान विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं. एक ओर आरक्षण को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर परीक्षा प्रणाली में हुई चूक ने प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन पर जल्द समाधान निकालने और छात्रों का भरोसा बहाल करने का दबाव बढ़ गया है. न्यूजलेटर
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Jaipur,Rajasthan



