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श्रीदेवी की ऑनस्क्रीन सास, फिल्मों में ऋषि कपूर पर लुटाती थीं प्यार, दूरदर्शन पर 1 रोल से मचा दिया था हंगामा

Last Updated:June 20, 2026, 04:01 IST

हिंदी सिनेमा की वो जानी मानी एक्ट्रेस जिन्होंने 42 की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की थी. कभी ऋषि कपूर तो कभी शाहरुख खान की मां बनकर उन्होंने किरदारों से लोगों को हैरान कर दिया था. वो एक्ट्रेस हैं, सुषमा सेठ. मां, दादी और नानी के किरदार निभाकर उन्होंने खूब वाहवाही लूटी है.आज सुषमा अपना 90वां बर्थडे बना रही हैं.

नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा और टेलीविजन की दिग्गज अभिनेत्री सुषमा सेठ ने अपने करियर में मां, दादी और नानी के कई यादगार किरदार निभाए हैं. लेकिन एक किरदार ऐसा था जिसने उन्हें घर-घर में पहचान दिला दी. यह किरदार था दूरदर्शन के मशहूर धारावाहिक ‘हम लोग’ की दादी इमरती देवी का. इस रोल से लोगों का लगाव इतना ज्यादा हो गया था कि जब मेकर्स ने इसे कहानी से हटाने का फैसला किया, तो दर्शक नाराज हो गए और दूरदर्शन को हजारों चिट्ठियां भेज दीं.

20 जून 1936 को दिल्ली में जन्मीं सुषमा सेठ का परिवार कला और संस्कृति से जुड़ा हुआ था. यही वजह थी कि बचपन से ही उनकी दिलचस्पी अभिनय और संगीत में रही. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली में की और बाद में अमेरिका जाकर थिएटर और एक्टिंग की ट्रेनिंग ली.

विदेश से लौटने के बाद सुषमा सेठ ने पूरी तरह थिएटर को अपना लिया. उस दौर में थिएटर से ज्यादा कमाई नहीं होती थी, लेकिन उनके लिए अभिनय सिर्फ पेशा नहीं बल्कि जुनून था. उन्होंने दिल्ली में कई बड़े रंगकर्मियों के साथ काम किया और करीब दो दशक तक रंगमंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई.

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इसके बाद उन्होंने छोटे पर्दे का रुख किया और दूरदर्शन के चर्चित शो ‘हम लोग’ में दादी इमरती देवी का किरदार निभाया. यह किरदार देखते ही देखते दर्शकों का पसंदीदा बन गया. लोग उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह मानने लगे थे.कहा जाता है कि जब शो की कहानी में दादी के किरदार को खत्म करने की योजना बनाई गई, तो दर्शकों ने इसका जमकर विरोध किया. दूरदर्शन और शो के निर्माताओं के पास हजारों चिट्ठियां पहुंचने लगीं. लोग चाहते थे कि दादी को शो से बाहर न किया जाए.

खुद सुषमा सेठ ने भी कई इंटरव्यू में बताया था कि दर्शकों के प्यार की वजह से उनके किरदार को कुछ समय तक और आगे बढ़ाया गया. हालांकि बाद में कहानी की मांग के अनुसार दादी की मौत दिखानी पड़ी. क्योंकि उनके रोल को लेकर खूब हंगामा हुआ था. टीवी पर लोकप्रियता हासिल करने के बाद सुषमा सेठ ने 42 साल की उम्र में फिल्मों में कदम रखा. उनकी पहली फिल्म ‘जुनून’ थी, जो 1978 में रिलीज हुई थी. आमतौर पर इस उम्र तक कलाकार फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुके होते हैं, लेकिन सुषमा ने इसी उम्र में नई शुरुआत की और अपनी अलग जगह भी बनाई.

इसके बाद वह ‘सिलसिला’, ‘प्रेम रोग’, ‘तवायफ’, ‘नगीना’, ‘चांदनी’, ‘दीवाना’, ‘धड़कन’, ‘कभी खुशी कभी गम’ और ‘कल हो ना हो’ जैसी कई बड़ी फिल्मों में नजर आईं. उन्होंने ज्यादातर मां, दादी और नानी के किरदार निभाए, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया.

यश चोपड़ा की चांदनी में तो उन्होंने श्रीदेवी की सास और ऋषि कपूर की मां का रोल निभाया था. इस फिल्म में उन्होंने श्रीदेवी पर खूब जुल्म किए थे. फिल्म में उनका क्रू सास वाला रोल काफी पसंद किया गया था.

<br />अपने लंबे करियर में सुषमा सेठ ने शाहरुख खान, ऋतिक रोशन, अक्षय कुमार, ऋषि कपूर, अनिल कपूर और प्रीति जिंटा जैसे कई बड़े सितारों के साथ काम किया. फिल्म ‘तवायफ’ में अमीना बाई के किरदार के लिए उन्हें फिल्मफेयर के सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कार के लिए नामांकित भी किया गया था.

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