सांप काटने के बाद 2 घंटे तक झाड़-फूंक कराते रहे परिजन, कोटा में अंधविश्वास ने ली 2 साल के मासूम की जान

Last Updated:June 21, 2026, 08:04 IST
Kota Snake Bite Case: कोटा के रेलवे कॉलोनी टापरी इलाके में सर्पदंश से 2 साल के मासूम बच्चे कालू की मौत हो गई. सांप के काटने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय दो घंटे तक झाड़-फूंक करवाते रहे, जिससे जहर पूरे शरीर में फैल गया. हालत बिगड़ने पर उसे कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. पुलिस ने मर्ग दर्ज कर शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
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Kota Snake Bite Case: कोटा में सर्पदंश से मासूम की मौत झाड़ फूंक में गंवाई जान
Kota News: राजस्थान के कोटा जिले से अंधविश्वास की एक बेहद दर्दनाक और झझोंर देने वाली घटना सामने आई है. यहां रेलवे कॉलोनी थाना इलाके में सर्पदंश (सांप के काटने) के बाद समय पर इलाज न मिलने और अंधविश्वास के फेर में पड़ने के कारण एक दो साल के मासूम बच्चे की जान चली गई. सांप के काटने के बाद परिजन बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय करीब दो घंटे तक झाड़-फूंक करवाते रहे. जब मासूम की तबीयत बेहद ज्यादा बिगड़ गई, तब जाकर उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी दर्दनाक घटना कोटा के रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र के टापरी इलाके की है. मृतक मासूम बच्चे की पहचान 2 वर्षीय कालू के रूप में हुई है. परिजनों ने बताया कि मासूम कालू घर (टापरी) के ठीक सामने बाहर खेल रहा था. इसी दौरान अचानक उसे किसी जहरीले सांप या अन्य किसी जहरीले कीड़े ने दाएं हाथ पर काट लिया. बच्चे के अचानक चिल्लाने और रोने की आवाज सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे, तो उन्हें वहां सर्पदंश का पता चला.
अस्पताल के बजाय देवी-देवताओं के स्थान पर ले गए परिजनसांप के काटने के बाद परिजनों को तुरंत अस्पताल भागना चाहिए था, लेकिन वे अंधविश्वास के चंगुल में फंस गए. परिजन मासूम कालू को लेकर सीधे डॉक्टरों के पास जाने के बजाय स्थानीय देवी-देवताओं के स्थान और तांत्रिकों के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए. लगभग दो घंटे तक मासूम बच्चा दर्द से तड़पता रहा और परिजन अंधविश्वास के चलते उसका देसी इलाज करवाते रहे. इस लापरवाही और देरी की वजह से जहर मासूम के पूरे शरीर में फैल गया और उसकी हालत अत्यंत गंभीर हो गई.
न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृतजब झाड़-फूंक के बाद भी बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और वह पूरी तरह बेसुध हो गया, तब जाकर परिजनों की आंखें खुलीं. परिजन आनन-फानन में उसे कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे. अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में डॉक्टरों ने मासूम को बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन इलाज शुरू होने के कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया. डॉक्टरों ने उसे आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. अस्पताल प्रशासन की सूचना पर रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने मृतक 2 वर्षीय कालू के शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है. पुलिस ने इस पूरे मामले में मर्ग रिपोर्ट दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Kota,Kota,Rajasthan



