बीकानेर के हंसेरा में खेत के बीच 125 फुट लंबी रहस्यमयी दरार, टैंकर का पानी भी समाया, प्रशासन ने क्षेत्र किया सील

Last Updated:June 21, 2026, 17:50 IST
बीकानेर जिले के लूणकरणसर क्षेत्र के हंसेरा गांव में एक किसान के खेत में हालिया बारिश के बाद करीब 100 से 125 फुट लंबी रहस्यमयी दरार दिखाई देने से इलाके में दहशत और कौतूहल फैल गया. ग्रामीणों द्वारा दरार में डाला गया टैंकर का पानी जमीन में समा जाने से भूगर्भीय गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र को सील कर दिया है और विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत वैज्ञानिक जांच के बाद ही दरार बनने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा.
बीकानेर. जिले के लूणकरणसर क्षेत्र के हंसेरा गांव में एक किसान के खेत के बीच अचानक करीब 100 से 125 फुट लंबी रहस्यमयी दरार दिखाई देने से पूरे इलाके में दहशत और कौतूहल का माहौल बन गया. हाल ही में हुई बारिश के बाद सामने आई इस घटना को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दरार वाले क्षेत्र को सील कर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है. फिलहाल विशेषज्ञों की जांच के बाद ही इस रहस्यमयी दरार की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी. जानकारी के अनुसार, हंसेरा गांव के एक किसान ने खेत में अचानक लंबी और गहरी दरार देखी. देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दरार की लंबाई लगभग 100 से 125 फुट बताई जा रही है. इसकी गहराई का भी अभी तक सही आकलन नहीं हो सका है, जिससे लोगों में चिंता और बढ़ गई है.
ग्रामीणों ने दरार की गहराई और स्थिति का अंदाजा लगाने के लिए उसमें टैंकर से पानी डलवाया. हालांकि, लोगों को उस समय और अधिक आश्चर्य हुआ जब पूरा पानी जमीन के भीतर समा गया. पानी के तेजी से नीचे चले जाने के बाद ग्रामीणों के बीच जमीन के नीचे किसी बड़े खाली हिस्से, सुरंगनुमा संरचना या भूगर्भीय गतिविधि की चर्चाएं शुरू हो गई. हालांकि इन दावों की अभी तक किसी वैज्ञानिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है. घटना की सूचना मिलने पर भूगर्भ तकनीकी अधिकारी सुरेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रारंभिक निरीक्षण किया. वहीं लूणकरणसर पुलिस के अधिकारी सुरेश मीणा ने भी घटनास्थल का जायजा लेकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया. प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए दरार वाले क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया है और लोगों को वहां जाने से मना किया है.
सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र को सील रखा
मौके पर हल्का पटवारी मनफूल गोदारा और ग्राम सेवक राजेश भी मौजूद रहे. प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा कारणों से दरार के पास जाने से बचें. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इस तरह की घटना नहीं देखी. उनका मानना है कि यदि समय रहते वैज्ञानिक जांच नहीं करवाई गई तो भविष्य में यह दरार और बढ़ सकती है. ग्रामीणों ने प्रशासन से भूवैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की टीम भेजकर विस्तृत सर्वे कराने की मांग की है, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और किसी संभावित खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की दरारें कई कारणों से बन सकती हैं. इनमें भू-धंसाव, जमीन के नीचे खाली स्थान का बन जाना, मिट्टी का कटाव, वर्षा के कारण भूमि की संरचना में बदलाव या अन्य भूगर्भीय प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं. हालांकि हंसेरा गांव में बनी इस दरार के संबंध में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी, इसके लिए विस्तृत वैज्ञानिक जांच आवश्यक है. फिलहाल प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दरार बनने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा. तब तक सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र को सील रखा जाएगा. उधर, हंसेरा गांव की यह रहस्यमयी दरार पूरे बीकानेर जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
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