PBM का प्रसूता कांड गहराया! छह की बिगड़ी थी तबीयत, अब दूसरी महिला की भी मौत से मचा बवाल

Last Updated:June 21, 2026, 19:40 IST
Bikaner PBM Hospital Maternal Death Case: पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद छह महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला अब दो मौतों तक पहुंच गया है. पहले प्रीति और अब शारदा नायक की मौत ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है. परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित उपचार और निगरानी नहीं मिलने से हालात बिगड़े. दोनों मृतक दलित परिवारों से थीं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है. स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है, लेकिन लगातार हो रही मौतों के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है.
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बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में इलाजरत दूसरी प्रसूता की भी हुई मौत
बीकानेर. राजस्थान के बीकानेर स्थित पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद छह प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने की घटना ने पहले ही चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे, वहीं अब इस मामले में दूसरी प्रसूता की भी मौत हो गई है. रविवार को शारदा नायक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इससे पहले 19 जून को पीबीएम अस्पताल में भर्ती प्रसूता प्रीति की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. वह पिछले करीब एक माह से अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थी और वेंटिलेटर सपोर्ट पर उसका इलाज चल रहा था. दोनों मौतों के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर परिजनों में भारी नाराजगी है.
बता दें कि एक माह पूर्व ही पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद छह प्रसूताओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी. महिलाओं को संक्रमण और अन्य जटिलताओं की शिकायत के बाद अस्पताल में विशेष निगरानी में रखा गया था. मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन हरकत में आया तथा जांच शुरू की गई. हालांकि उपचार के दौरान एक प्रसूता प्रीति की पहले ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरी प्रसूता शारदा नायक ने करीब एक माह तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद रविवार को दम तोड़ दिया.
सिजेरियन ऑपरेशन के बाद महिलाओं की बिगड़ी थी हालत
बताया जा रहा है कि सिजेरियन ऑपरेशन के बाद इन महिलाओं की तबीयत लगातार बिगड़ती गई थी. हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती कर विशेष उपचार दिया गया. लेकिन उपचार के बावजूद दो महिलाओं की जान नहीं बच सकी. इस पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण, ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्थाओं और चिकित्सा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मृतक महिलाओं के परिजनों ने पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि यदि समय पर उचित उपचार और निगरानी मिलती तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी.
मृतक के परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और शुरुआत में स्थिति की सही जानकारी भी नहीं दी गई. दोनों मृतक महिलाओं के दलित परिवार से होने के कारण मामला और संवेदनशील हो गया है. घटना के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है. लोगों का कहना है कि आखिर सिजेरियन के बाद एक साथ छह प्रसूताओं की तबीयत क्यों बिगड़ी और उपचार के दौरान दो महिलाओं की मौत कैसे हो गई.
अस्पताल प्रशासन की ओर से जांच रिपोर्ट आना बांकी
फिलहाल पीबीएम अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच में जुटे हुए हैं. शेष प्रसूताओं की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है. वहीं दूसरी मौत के बाद बीकानेर में इस मामले को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. अस्पताल प्रशासन की ओर से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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Bikaner,Rajasthan



