‘म्यूल अकाउंट’ पर जोधपुर पुलिस की चेतावनी, पैसों के लालच में किसी को न दें अपना बैंक खाता

Last Updated:August 07, 2026, 12:07 IST
Jodhpur: जोधपुर पुलिस ने ‘म्यूल अकाउंट’ के जरिए हो रही साइबर ठगी के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है. साइबर अपराधी छात्रों, युवाओं और ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते व एटीएम किराए पर लेकर अवैध लेनदेन कर रहे हैं. पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया के निर्देश पर पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है. डीसीपी मनीष चौधरी ने लोगों से अपना बैंक खाता किसी अनजान व्यक्ति को न देने की सख्त चेतावनी दी है.
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Jodhpur: बदलते परिवेश में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और अब शातिर साइबर ठग मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए नित नए हथकंडे अपना रहे हैं. इन दिनों साइबर अपराध की दुनिया में ‘म्यूल अकाउंट’ (Mule Account) के जरिए ठगी की रकम को खपाने के मामले सबसे तेजी से सामने आ रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया के निर्देशन में पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है. जोधपुर पुलिस ने ऐसे संदिग्ध खातों का पता लगाकर उनके खिलाफ एक विशेष अभियान की शुरुआत की है, ताकि अवैध लेनदेन के इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके.
जोधपुर पुलिस के डिप्टी पुलिस कमिश्नर (DCP) मनीष चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधी अब सीधे अपने खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर करने के बजाय आम लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध लेनदेन के लिए कर रहे हैं. इन्हीं खातों को बैंकिंग भाषा में ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है. साइबर ठग इन खातों के जरिए ठगी की रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से ट्रांसफर करते हैं, जिससे पुलिस जांच को भटकाया जा सके और असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाए.
छात्र, 20 से 40 वर्ष के युवा और ग्रामीण निशाने परपुलिस द्वारा किए गए साइबर विश्लेषण में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि साइबर ठगों के निशाने पर मुख्य रूप से स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र, 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवा और ग्रामीण इलाकों के सीधे-सादे लोग हैं. शातिर अपराधी इन्हें हर महीने या प्रति लेनदेन कुछ हजार रुपये का लालच देकर उनके बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और इंटरनेट बैंकिंग की गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते हैं. इसके बाद इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया जाता है. कई मामलों में खाताधारक को यह अंदाजा तक नहीं होता कि उसका खाता किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल हो रहा है.
कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी, अपने बैंक खाते किसी को न देने की अपीलडीसीपी मनीष चौधरी ने बताया कि विभिन्न सरकारी और साइबर सुरक्षा पोर्टलों से मिलने वाली संदिग्ध खातों की जानकारी के आधार पर पुलिस तुरंत एक्शन ले रही है और अभियान के तहत कई आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा गया है. जोधपुर पुलिस ने आम जनता, विशेषकर युवाओं और छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के पैसों के लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम या इंटरनेट बैंकिंग विवरण किसी अन्य व्यक्ति को न सौंपें. ऐसा करना उन्हें अनजाने में किसी बड़े अपराध का सह-आरोपी बना सकता है, जिसके लिए जेल और भारी कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan
First Published :
August 07, 2026, 12:07 IST



