22 की उम्र में बड़ी उड़ान! सीकर के नयन का ‘माइक्रोसॉफ्ट’ में चयन, पैकेज सुनकर चौंक जाएंगे आप

Last Updated:June 22, 2026, 09:28 IST
Nayan Godara Success Story: सीकर के शिवसिंहपुरा हाउसिंग बोर्ड निवासी 22 वर्षीय नयन गोदारा ने माइक्रोसॉफ्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है. उन्हें कंपनी की ओर से 56.78 लाख रुपए सालाना पैकेज का ऑफर मिला है. नयन ने जेईई की तैयारी सीकर के एक निजी कोचिंग संस्थान से की और शानदार प्रदर्शन के दम पर आईआईटी दिल्ली में प्रवेश हासिल किया. कंप्यूटर साइंस में बीटेक के दौरान उन्होंने कोडिंग, तकनीकी प्रोजेक्ट्स और नवाचार गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई. उनकी इस उपलब्धि से परिवार और पूरे जिले में खुशी का माहौल है.
सीकर के शिवसिंहपुरा हाउसिंग बोर्ड के रहने वाले नयन गोदारा ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. उनका चयन दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ्ट में हुआ है. नयन का उम्र अभी मात्र 22 साल है. इतनी छोटी उम्र में यहां तक पहुंचने वाले नयन सीकर के कुछ गिनेचुने लोगों में से एक है. माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में उनका चयन सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर हुआ है.
कंपनी की ओर से उन्हें 56.78 लाख रुपए वार्षिक पैकेज का ऑफर मिला है. इतनी कम उम्र में मिली यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे सीकर जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है. नयन गोदारा ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई की तैयारी सीकर की एक निजी कोचिंग संस्थान से की थी. उन्होंने यहां नियमित अभ्यास और गहरी समझ से जेईई में बेहतरीन प्रदर्शन किया. इसी सफलता के आधार पर उनका चयन देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी दिल्ली में हुआ.
आईआईटी दिल्ली में उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई शुरू की. आईआईटी दिल्ली में अध्ययन के दौरान नयन ने केवल अकादमिक शिक्षा तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि तकनीकी प्रोजेक्ट्स, कोडिंग प्रतियोगिताओं और विभिन्न नवाचार गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई. उन्होंने कंप्यूटर साइंस के क्षेत्र में अपनी समझ को लगातार मजबूत किया और नई तकनीकों को सीखने पर विशेष ध्यान दिया. इसी दौरान उन्होंने अपने कौशल को इस स्तर तक विकसित किया कि कैंपस प्लेसमेंट में देश-विदेश की कई बड़ी कंपनियों का ध्यान उनकी ओर आकर्षित किया.
Add as Preferred Source on Google
कैंपस प्लेसमेंट के दौरान माइक्रोसॉफ्ट की चयन प्रक्रिया में नयन ने शानदार प्रदर्शन किया. तकनीकी इंटरव्यू, कोडिंग राउंड और समस्या समाधान से जुड़े विभिन्न चरणों में उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित की. कंपनी की ओर से दिए गए ऑफर में 18.05 लाख रुपए वार्षिक मूल वेतन, 5 लाख रुपए का जॉइनिंग बोनस तथा कंपनी के शेयर भी शामिल हैं. यह पैकेज युवा इंजीनियरों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. उन्होंने बताया कि आईआईटी दिल्ली में कई टेक प्रोजेक्ट्स पर काम किया, इसी का नतीजा था कि माइक्रोसॉफ्ट ने उन्हें चुना.
नयन ने बताया कि वे डेटा स्ट्रक्चर, एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रखते हैं. वे सी, सी++, सी-शार्प, जावा और पाइथन जैसी प्रमुख प्रोग्रामिंग भाषाओं में दक्ष हैं. पढ़ाई के दौरान उन्होंने लगातार अपने तकनीकी कौशल को निखारने का प्रयास किया और कठिन चुनौतियों को सीखने के अवसर के रूप में लिया. इसी ज्ञान ने आज उन्हें माइक्रोसॉफ्ट जैसे वैश्विक स्तर के संस्थान तक पहुंचा दिया है. उनका कहना है बचपन से उनका सपना इंजिनियर बनकर एक बड़ी कंपनी में काम करना है. अब वो सपना पूरा हो चुका है.
आपको बता दें कि नयन बचपन से पढ़ाई में होशियार रहे हैं. उनके पिता जगमाल गोदारा और माता सीमा दोनों सरकारी विद्यालयों में प्रधानाचार्य हैं, जबकि उनके बड़े भाई भी एक अमेरिकी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं. नयन ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार को दिया है. उनका कहना है कि लगातार की गई मेहनत से बड़ी से बड़ी सफलता पाई जा सकती है. लेकिन, मेहनत में कंजूसी नहीं करनी चाहिए.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



