Goat Farming Tips: बकरी पालन में भूलकर भी न करें ये गलती! वरना घट सकता है मुनाफा, अपनाएं ये आसान टिप्स

Last Updated:June 28, 2026, 05:52 IST
Goat Farming Tips: भीलवाड़ा में पशुपालन विभाग के डॉ अरुण कुमार सिंह के अनुसार वैज्ञानिक और प्राकृतिक तरीके अपनाकर बकरी पालन में मुनाफा बढ़ाया जा सकता है. बकरियों का स्वभाव सिर ऊपर करके पेड़ों की पत्तियां कुतरकर खाने का होता है. यदि पशुपालक चारे को जमीन पर डालने के बजाय ऊंचाई पर लटकाकर खिलाएं तो उनका पाचन तंत्र बेहतर रहता है. सही देखभाल, संतुलित आहार और समय पर टीकाकरण से बकरियों का वजन और दूध उत्पादन बढ़ता है जिससे पशुपालकों की आय में अच्छी वृद्धि होती है.
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Goat Farming Tips: बकरियों में अपनाएं यह प्राकृतिक तरीका, बकरी पालन में होगा दोगुना मुनाफा
Animal Husbandry Tips: आज के समय में बकरी पालन ग्रामीण क्षेत्रों में आय का एक बेहद मजबूत और विश्वसनीय साधन बनता जा रहा है. कई पशुपालक इस मुनाफे वाले व्यवसाय से जुड़ तो जाते हैं, लेकिन सही जानकारी की कमी के कारण उन्हें उम्मीद के मुताबिक आमदनी नहीं मिल पाती है. कई बार सही प्रबंधन न होने से बकरियों की संख्या भी नहीं बढ़ती और वे बार-बार बीमार पड़ जाती हैं जिससे पशुपालक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में जरूरी है कि पशुपालक समय-समय पर पशु चिकित्सकों से परामर्श लें. बकरी पालन में सही जानकारी और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर इस व्यवसाय को पहले से कहीं ज्यादा लाभदायक बनाया जा सकता है.
पशुपालन विभाग के डॉ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि किसी भी प्रकार का पशुपालन शुरू करने से पहले उसकी पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है. बकरियों की देखभाल, उनके खान-पान, नियमित टीकाकरण और उनके रहने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए. इस व्यवसाय में की गई छोटी-छोटी गलतियां भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती हैं. इसलिए नई तकनीकों और आधुनिक पशुपालन की जानकारी लेते रहना पशुपालकों के लिए हमेशा फायदेमंद होता है. बकरियों के स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए उनके बाड़े की साफ-सफाई और हवादार आवास का होना भी उतना ही आवश्यक है जितना उनका अच्छा खान-पान होता है.
प्राकृतिक खान-पान की आदत से सुधरेगा बकरियों का शारीरिक विकासबकरियों के खान-पान को लेकर भी पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. बकरियों की यह मुख्य आदत होती है कि वे पेड़ों की पत्तियां और हरा चारा कुतर-कुतर कर खाना पसंद करती हैं. यह उनका प्राकृतिक स्वभाव माना जाता है. यदि उन्हें उनकी इसी आदत के अनुसार हरा चारा और पत्तियां उपलब्ध कराई जाएं तो उनका पाचन तंत्र हमेशा बेहतर रहता है. अच्छी पाचन क्रिया होने के कारण बकरियां बहुत कम बीमार पड़ती हैं. जब बकरियां स्वस्थ रहेंगी तो उनका शारीरिक विकास भी तेजी से होता है जो कि पशुपालक के मुनाफे को सीधे तौर पर बढ़ाने का काम करता है.
सिर ऊपर करके चरने की आदत को समझें और अपनाएं यह अनोखा तरीकाडॉ सिंह बताते हैं कि बकरी हमेशा अपना सिर ऊपर करके पेड़ों की पत्तियां खाना पसंद करती है. यह तरीका उनके स्वास्थ्य के लिए शारीरिक रूप से स्वाभाविक और अनुकूल होता है. इसलिए पशुपालकों को हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि बकरियों को ऐसा हरा चारा या सूखी पत्तियां ऊंचाई पर लटकाकर उपलब्ध कराएं जिसे वे अपने इसी प्राकृतिक तरीके से आसानी से खा सकें. जमीन पर चारा डालने के बजाय ऊंचाई पर रखने से चारा गंदा भी नहीं होता है. इस तरीके से उनके शरीर को पर्याप्त पोषण मिलता है जिससे बकरियों के दूध उत्पादन, वजन तथा प्रजनन क्षमता पर भी काफी सकारात्मक असर पड़ता है.
संतुलित आहार और सही समय पर इलाज ही है सफलता का असली मंत्रयदि पशुपालक वैज्ञानिक पद्धतियों के साथ सही देखभाल, संतुलित आहार और समय पर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करें तो बकरी पालन का व्यवसाय सबसे ज्यादा लाभदायक साबित हो सकता है. स्वस्थ बकरियां कम समय में तेजी से बढ़ती हैं जिससे उनकी बाजार में कीमत अच्छी मिलती है. इसके साथ ही उनकी संख्या में भी लगातार वृद्धि होती है जिससे पशुपालकों की वार्षिक आय कई गुना बढ़ जाती है. इसलिए बकरी पालन के क्षेत्र में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र यही है कि बकरियों के प्राकृतिक स्वभाव को समझकर उनका वैज्ञानिक तरीके से उचित प्रबंधन किया जाए.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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