नागपुर से चली सुपारी, एक्सप्रेसवे पर बदला कंटेनर, 600 किमी CCTV खंगालने बाद खुला 1 करोड़ की लूट का राज

दौसा. राजस्थान के दौसा जिले में करीब एक करोड़ रुपये की सुपारी चोरी के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी साबिर खान को उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई 19,950 किलोग्राम सुपारी से भरे 285 बैग बरामद कर लिए हैं. इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल किए गए दोनों कंटेनरों को भी जब्त कर लिया गया है. मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
पुलिस के अनुसार, 23 जून को पीड़ित अख्तर ने रामगढ़ पचवारा थाने में सुपारी चोरी का मामला दर्ज कराया था. शिकायत में बताया गया कि नागपुर से सुपारी लेकर दिल्ली जा रहा कंटेनर रास्ते में संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया. मामला दर्ज होने के बाद एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देश पर विशेष टीम का गठन कर जांच शुरू की गई.
600 किलोमीटर तक खंगाले सीसीटीवी फुटेज
एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देश पर पुलिस ने मामले की जांच के दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे सहित करीब 600 किलोमीटर के मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. तकनीकी साक्ष्यों और लगातार ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस आरोपी साबिर खान तक पहुंचने में सफल रही. जांच में सामने आया कि आरोपी नागपुर से सुपारी लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ था, लेकिन रास्ते में उसने पूरी योजना के तहत माल को दूसरे कंटेनर में शिफ्ट कर दिया.
रेस्ट एरिया में बदला गया था कंटेनर
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर स्थित अमराबाद रेस्ट एरिया में सुपारी से भरे बैग एक दूसरे कंटेनर में स्थानांतरित कर दिए, ताकि पुलिस और परिवहन कंपनी को गुमराह किया जा सके. इसके बाद चोरी की गई सुपारी को दूसरे वाहन के जरिए आगे ले जाने की तैयारी थी.
चोरी की गई 19,950 किलोग्राम सुपारी के 285 बैग बरामद
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोरी की गई 19,950 किलोग्राम सुपारी के 285 बैग बरामद कर लिए. साथ ही जिस कंटेनर में सुपारी शिफ्ट की गई थी, उसे सवाई माधोपुर जिले के कुस्तला क्षेत्र से बरामद किया गया. वारदात में इस्तेमाल किए गए मूल कंटेनर को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है.
लूट में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी
रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है. उनसे जुड़े संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात के पीछे कोई संगठित अंतरराज्यीय गिरोह तो सक्रिय नहीं था.



