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मलबे के नीचे कितनी लाशें, 1430 निकली, 68000 से ज्यादा अभी भी लापता, वेनेजुएला की तबाही का एक-एक सच

Last Updated:June 28, 2026, 20:26 IST

वेनेजुएला में डबलट भूकंप ने भारी तबाही मचाई है. भूकंपों से मरने वालों की गिनती अब बढ़कर 1430 हो गई है, जबकि देश तीन दिन बाद भी 68000 से अधिक लोग अभी भी लापता है. इस तबाही के बाद मानवीय संकट गहरा गया है. वेनेजुएला के कई शहर ढही हुई इमारतों से पटे पड़े हैं और लोग मलबे में अपनों की तलाश कर रहे हैं.वेनेजुएला में मलबे के नीचे कितनी लाशें, 1430 निकली, 68000 से ज्यादा अभी लापताZoomवेनेजुएला में भूकंप (रॉयटर्स)

वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद हर तरफ मलबा बिखरा है. इस मलबे से 1400 ज्यादा लाशें निकाल ली गई हैं. अब आगे और कितनी लाशें निकलेंगी इसके बारे में कोई नहीं जानता है. लेकिन 68 हजार से ज्यादा लोग लापता है. भूकंप आने के तीन दिन बाद भी राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. पूरी दुनिया से 24 देश वेनेजुएला की मदद के लिए आगे हैं. देश करीब 67.6 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं.

रिपोर्ट में बताया गया है कि मरने वालों की गितनी बढ़कर 1430 हो गई है, जबकि 68 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. बताया गया है कि पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप आया और सिर्फ 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और ज्यादा शक्तिशाली झटका महसूस हुआ. इन लगातार आए भूकंपों से कई शहरों में इमारतें ढह गईं और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ.

मलबे में जिंदा लोगों की तलाश जारी

बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं. राहत टीमों के साथ स्थानीय लोग भी फावड़े, रस्सियां, भारी मशीनें और कई जगह नंगे हाथों से मलबा हटाकर अपने परिजनों को खोज रहे हैं.

काराकास के उत्तर में स्थित काराबालेडा शहर में भूकंप के तीन दिन बाद 11 साल के एक लड़के को जिंदा बचा लिया गया, जिससे लोगों में उम्मीद जगी है.

24 देशों ने भेजी मदद

वेनेजुएला की अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया है कि  24 देशों ने वेनेजुएला की मदद के लिए राहत सामग्री भेजी है. इसके अलावा कई देशों ने खोजी कुत्तों के साथ बचाव दल और हजारों राहतकर्मी भेजे हैं. इनकी मदद से प्रभावित लोगों की जल्द से जल्द मदद की जा सकेगी.

सरकार की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

कई लोगों का आरोप है कि सरकारी राहत कार्य धीमा और अव्यवस्थित रहा. कुछ स्वयंसेवकों ने शिकायत की कि प्रभावित इलाकों में जाने के लिए भी उन्हें लंबे समय तक परमिशन नहीं मिली है. इसलिए उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा.

संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि इस आपदा से करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं. लोगों को फिलहाल रहने की जगह, साफ पानी, इलाज और जरूरी राहत सामग्री की सबसे ज्यादा जरूरत है. शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस आपदा से 6.7 अरब डॉलर तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है.

About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor

मैं इस समय App टीम का हिस्सा हूं. App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 4 साल से अधिक का अनुभव है और फिलहाल अभी सीनियर सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले इनशॉर्ट्स औ…और पढ़ें

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