रातभर करवटें बदलते रहते हैं? 5 मिनट में घोड़े बेचकर सोने में मदद करेगी 4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक

Last Updated:June 28, 2026, 23:50 IST
Tips To Fall Asleep Faster: अगर रात में नींद आने में परेशानी होती है, तो 4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक एक आसान रिलैक्सेशन एक्सरसाइज हो सकती है. इसमें 4 सेकंड सांस लेना, 7 सेकंड रोकना और 8 सेकंड में धीरे-धीरे छोड़ना शामिल है. नियमित अभ्यास के साथ-साथ अच्छी स्लीप हाइजीन अपनाने से बेहतर नींद पाने में मदद मिल सकती है.रात को सोने से पहले 4-7-8 ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने से तुरंत नींद आ सकती है.
Breathing Exercise for Deep Sleep: आजकल तनाव, व्यस्त लाइफस्टाइल, अनहेल्दी रूटीन, देर रात तक मोबाइल का इस्तेमाल और मानसिक थकान के कारण कई लोगों को सोने में परेशानी होती है. बिस्तर पर जाने के बाद भी लंबे समय तक नींद नहीं आती और लोग करवटें बदलते रहते हैं. कई बार पूरी रात करवटें बदलते ही बीत जाती है और अगले दिन एनर्जी लेवल डाउन रहता है. अगर आपको भी रात में आसानी से नींद नहीं आती है, तो कुछ रिलैक्सेशन टेक्निक फॉलो कर सकते हैं. इससे मन और शरीर को शांत करने में मदद मिल सकती है. इन्हीं में से एक लोकप्रिय तरीका 4-7-8 ब्रीदिंग टेक्निक है, जो आपको गहरी नींद लाने में असरदार हो सकती है. आप रोज इस एक्सरसाइज को करेंगे, तो बेहतर रिजल्ट मिल सकता है.
क्या है 4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक?
4-7-8 ब्रीदिंग एक ब्रीदिंग टेक्निक है, जिसमें सांस लेने और छोड़ने का एक निश्चित पैटर्न अपनाया जाता है. इस तकनीक में पहले 4 सेकंड तक नाक से सांस लें, फिर 7 सेकंड तक सांस रोकें और उसके बाद 8 सेकंड तक धीरे-धीरे मुंह से सांस छोड़ें. इस चक्र को शुरुआत में 3 से 4 बार दोहराया जा सकता है. कई लोगों को यह अभ्यास सोने से पहले शरीर और मन को शांत महसूस कराने में मददगार लगता है. इस टेक्निक को अपनाने से स्ट्रेस कम होता है और जल्दी नींद आती है.
इस तकनीक से क्या हैं फायदे?
नियमित रूप से इस ब्रीदिंग टेक्निक का अभ्यास करने से तनाव कम महसूस हो सकता है और शरीर को आराम की अवस्था में आने में सहायता मिल सकती है. कुछ लोगों को इससे सोने की तैयारी करने में आसानी होती है और मन भटकने की बजाय श्वास पर केंद्रित रहता है. हालांकि इसका असर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है और यह अनिद्रा का इलाज नहीं है. अगर आप अच्छी नींद चाहते हैं, तो सोने और जागने का समय नियमित रखें. रात में कैफीनयुक्त पेय पदार्थों से बचें, सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन से दूरी बनाएं. बेडरूम का वातावरण शांत और आरामदायक रखें.
कब लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह?
अगर कई सप्ताह तक लगातार नींद न आना, रात में बार-बार जागना, तेज खर्राटे, सांस रुकने जैसा महसूस होना या दिनभर अत्यधिक थकान जैसी समस्याएं बनी रहती हैं, तो डॉक्टर या स्लीप एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है. ऐसी स्थिति में केवल घरेलू उपायों या ब्रीदिंग तकनीकों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.About the Authorअमित उपाध्याय
अमित उपाध्याय हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
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