Rajasthan News | अलवर के इस PHC की कहानी सुनकर चौंक जाएंगे… डॉक्टर नहीं, कंपाउंडर चला रहा पूरा अस्पताल

Last Updated:July 01, 2026, 15:39 IST
Alwar News : अलवर के बाम्बोली गांव के आदर्श पीएचसी में स्थायी डॉक्टर, लैब, एंबुलेंस और बुनियादी सुविधाओं की कमी, ग्रामीण सरकार से त्वरित व्यवस्था की मांग कर रहे हैं. ग्रामीणों के मुताबिक अस्पताल में शुगर, ब्लड प्रेशर और खून जैसी जरूरी जांचों की सुविधा भी नहीं है. यहां लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं होने से छोटी-छोटी जांचों के लिए भी मरीजों को करीब 20 किलोमीटर दूर रामगढ़ या अलवर जाना पड़ता है.अलवर के इस PHC की कहानी सुनकर चौंक जाएंगे
अलवर. अलवर जिले की रामगढ़ पंचायत समिति के बाम्बोली गांव में बना आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कागजों में भले ही “आदर्श” हो, लेकिन जमीनी तस्वीर कुछ और ही कहानी बता रही है. करीब 10 हजार की आबादी वाले इस इलाके में लोगों को इलाज के लिए आज भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल में स्थायी डॉक्टर नहीं होने से मरीजों की उम्मीदें अक्सर अधूरी रह जाती हैं. हालत यह है कि पूरा अस्पताल कंपाउंडर और एएनएम के भरोसे चल रहा है.
गांव के लोगों का कहना है कि अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को सिर्फ सामान्य दवाइयां देकर भेज दिया जाता है. अगर किसी की तबीयत ज्यादा खराब हो या बीमारी गंभीर हो, तो बिना पूरी जांच के ही उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया जाता है. कई बार मरीजों को इलाज मिले बिना ही वापस लौटना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि आदर्श पीएचसी का दर्जा मिलने के बावजूद यहां जरूरी सुविधाएं अब तक नहीं पहुंची हैं.
जांच के लिए 20 किलोमीटर का सफर, मरीजों की बढ़ रही परेशानीग्रामीणों के मुताबिक अस्पताल में शुगर, ब्लड प्रेशर और खून जैसी जरूरी जांचों की सुविधा भी नहीं है. यहां लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं होने से छोटी-छोटी जांचों के लिए भी मरीजों को करीब 20 किलोमीटर दूर रामगढ़ या अलवर जाना पड़ता है. इससे मरीजों का समय भी खराब होता है और जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि कई बुजुर्ग, महिलाएं और कमजोर मरीज इतनी दूर जाने में सक्षम नहीं होते. ऐसे में या तो इलाज में देरी हो जाती है या फिर लोग मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करते हैं. उनका कहना है कि अगर अस्पताल में लैब और डॉक्टर दोनों की व्यवस्था हो जाए तो बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिल सकती है.
इमरजेंसी में सबसे ज्यादा संकट, एंबुलेंस भी नहीं रहती उपलब्धगांव के लोगों ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी इमरजेंसी के समय होती है. अस्पताल में एंबुलेंस की स्थायी व्यवस्था नहीं है. जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस को रामगढ़ या दूसरे स्थान से बुलाना पड़ता है. कई बार एंबुलेंस पहुंचने में काफी समय लग जाता है. ऐसी स्थिति में गंभीर मरीजों को निजी वाहन या निजी अस्पताल की मदद लेनी पड़ती है. ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अस्पताल में पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक मौजूद नहीं है. उनका कहना है कि जब एक आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही ऐसी स्थिति है, तो आम लोगों को बेहतर इलाज कैसे मिलेगा. लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द यहां स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति की जाए. साथ ही लैब टेक्नीशियन, एंबुलेंस और दूसरी जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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Alwar,Alwar,Rajasthan



