पंचायत चुनाव से पहले भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला, अब पंचायतें 2 लाख तक की जमीन खुद नीलाम कर सकेंगी

जयपुर. राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले भजनलाल सरकार ने पंचायतों के अधिकारों को लेकर बड़ा फैसला किया है. सरकार ने राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 में संशोधन करते हुए ग्राम पंचायतों को भूमि नीलामी के मामलों में पहले की तुलना में अधिक अधिकार दिए हैं. नए प्रावधान के तहत अब ग्राम पंचायतें 2 लाख रुपए तक की सबसे ऊंची बोली वाली भूमि की नीलामी बिना किसी उच्च अधिकारी की पूर्व मंजूरी के कर सकेंगी. पहले पंचायतों को 50 हजार रुपए तक की भूमि नीलामी के लिए ही यह अधिकार प्राप्त था.
यानी सरकार ने पंचायतों के स्तर पर बिना पूर्व स्वीकृति भूमि नीलामी की सीमा चार गुना बढ़ा दी है. सरकार का मानना है कि इस बदलाव से छोटी राशि वाली जमीन की नीलामी में बार-बार पंचायत समिति, जिला परिषद या राज्य सरकार से अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और प्रक्रिया ज्यादा आसान व तेज होगी. हालांकि 2 लाख रुपए से अधिक की बोली होने पर अलग-अलग स्तर पर पूर्व मंजूरी लेने की व्यवस्था जारी रहेगी. यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं और ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक कामकाज को सरल बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
पहले 50 हजार रुपए तक थी सीमा
राजस्थान पंचायती राज नियमों के तहत पहले ग्राम पंचायत को 50 हजार रुपए तक की सबसे ऊंची बोली वाली भूमि की नीलामी के लिए ही उच्च स्तर से पूर्व मंजूरी लेने से छूट थी. अब सरकार ने इस सीमा को बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दिया है. इसका सीधा फायदा उन ग्राम पंचायतों को मिलेगा, जहां कम कीमत वाली सरकारी या पंचायत की भूमि की नीलामी के मामले सामने आते हैं.
2 लाख तक पंचायत ले सकेगी फैसला
नए प्रावधान के अनुसार यदि भूमि की नीलामी में सबसे ऊंची बोली 2 लाख रुपए तक रहती है तो ग्राम पंचायत को पंचायत समिति, जिला परिषद या राज्य सरकार से पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी. इससे पंचायत स्तर पर ही नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी.
2 से 5 लाख पर पंचायत समिति की मंजूरी जरूरी
सरकार ने भूमि की कीमत और बोली की राशि के आधार पर मंजूरी के अलग-अलग स्तर तय किए हैं. यदि नीलामी में सबसे ऊंची बोली 2 लाख रुपए से अधिक और 5 लाख रुपए तक रहती है तो संबंधित पंचायत समिति की पूर्व मंजूरी लेना जरूरी होगा. वहीं 5 लाख रुपए से अधिक और 10 लाख रुपए तक की बोली होने पर संबंधित जिला परिषद की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होगी. 10 लाख रुपए से अधिक की बोली वाले मामलों में राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी लेनी होगी.
सरकार ने नियमों में किया संशोधन
पंचायतों के अधिकार बढ़ाने के लिए सरकार ने राजस्थान पंचायती राज नियम, 1996 के नियम 154 में संशोधन किया है. इसके साथ नियम 157 और नियम 160 में भी बदलाव किए गए हैं. संशोधन के बाद पंचायतों को कम राशि वाली भूमि नीलामी के मामलों में ज्यादा निर्णय लेने का अधिकार मिलेगा.
प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने दिया ये तर्क
सरकार का कहना है कि छोटी राशि वाली जमीन की नीलामी के लिए हर बार उच्च अधिकारियों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया लंबी हो जाती थी. नई व्यवस्था से ऐसे मामलों में पंचायत स्तर पर ही फैसला लिया जा सकेगा. इससे समय की बचत होगी और नीलामी की प्रक्रिया भी तेज होगी. हालांकि बड़ी राशि वाली भूमि की नीलामी पर पंचायत समिति, जिला परिषद और राज्य सरकार की निगरानी बनी रहेगी. इसके अलावा नियम 157 में ‘प्रशासन गांव के संग अभियान 2021 और 2023’ की जगह अब ‘ग्राम सेवा शिविर 2026 या पंचायती राज अथवा राजस्व विभाग की ओर से किसी भी नाम से आयोजित शिविर’ को शामिल किया गया है. सरकार के इस फैसले से पंचायतों को स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में अधिक अधिकार मिलने की उम्मीद है.



