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Rajasthan News | PM Modi

Last Updated:July 02, 2026, 22:35 IST

Udaipur News : उदयपुर के धीरज वैष्णव ने भारत-जापान समारोह में संतूर बजाकर पीएम मोदी को प्रभावित किया. पीएम ने जापान की पीएम को संतूर सिखाने को कहा. धीरज वैष्णव राजस्थान के उदयपुर जिले के पास स्थित छोटे से गांव डांगियों की हुंदर के रहने वाले हैं. उनका जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ, जहां संगीत का माहौल पहले से था. उनके पिता गोपालदास वैष्णव जाने-माने भजन गायक हैं.कौन हैं धीरज वैष्णव? जिनकी संतूर प्रस्तुति पर PM मोदी ने कह दी बड़ी बातZoomPM मोदी ने मंच पर अचानक रोककर कहा- “जरा इन्हें संतूर सिखाओ”

जयपुर. नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में गुरुवार को भारत और जापान के बीच आयोजित एक खास राजकीय समारोह में ऐसा पल आया, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. मंच पर संतूर की मधुर धुन गूंज रही थी और उसे बजा रहे थे राजस्थान के उदयपुर के युवा कलाकार धीरज वैष्णव. उनकी प्रस्तुति इतनी पसंद आई कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुस्कुरा उठे. समारोह के दौरान उन्होंने धीरज से कहा, “अरे वैष्णव, जरा इन्हें संतूर बजाना सिखाओ.” यह सुनकर वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई और माहौल बेहद आत्मीय हो गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के सम्मान में यह राजकीय भोज आयोजित किया था. इसी कार्यक्रम में धीरज वैष्णव ने संतूर वादन की प्रस्तुति दी. इसके बाद उन्होंने जापान की प्रधानमंत्री को संतूर बजाने की कुछ शुरुआती बातें भी समझाईं. यह पल समारोह की सबसे खास यादों में शामिल हो गया. बताया जा रहा है कि इस खास मौके का वीडियो भी प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया मंचों पर साझा किया, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं.

छोटे से गांव से निकलकर पहुंचे अंतरराष्ट्रीय मंच तकधीरज वैष्णव राजस्थान के उदयपुर जिले के पास स्थित छोटे से गांव डांगियों की हुंदर के रहने वाले हैं. उनका जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ, जहां संगीत का माहौल पहले से था. उनके पिता गोपालदास वैष्णव जाने-माने भजन गायक हैं. बचपन से ही धीरज को घर में संगीत सुनने और सीखने का मौका मिला. यहीं से उनकी रुचि संगीत की ओर बढ़ती चली गई. वर्ष 2014 में उन्होंने उदयपुर में पंडित रामकृष्ण बोस से तबला वादन की शिक्षा शुरू की. तबले के जरिए उन्होंने लय और ताल की मजबूत समझ बनाई. करीब पांच साल पहले उन्होंने सोपोरी सूफ़ियाना घराना की परंपरा में संतूर सीखना शुरू किया. आज वह दिल्ली में पद्मश्री पंडित भजन सोपोरी के सुपुत्र और प्रसिद्ध संतूर वादक पंडित अभय रुस्तम सोपोरी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं. साथ ही घराने के वरिष्ठ शिष्य दिव्यांश हर्षित श्रीवास्तव से भी संतूर की उन्नत शिक्षा हासिल कर रहे हैं.

देश के कई बड़े मंचों पर दे चुके हैं प्रस्तुतिलगातार रियाज, मेहनत और अनुशासन के दम पर धीरज वैष्णव ने कम समय में अपनी अलग पहचान बना ली है. वह विश्व संतूर दिवस 2025 पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में भी संतूर वादन कर चुके हैं. इसके अलावा देश के कई बड़े कॉर्पोरेट सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सरकारी आयोजनों और राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर भी अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं. 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और जापान के इस प्रतिष्ठित राजकीय समारोह में प्रस्तुति देना अब तक उनके संगीत जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में माना जा रहा है. इस समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस जयशंकर सहित भारत और जापान के कई वरिष्ठ अधिकारी और विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे.

सोपोरी सूफियाना घराना की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे रियाजधीरज वैष्णव का कहना है कि वह भारतीय शास्त्रीय संगीत और सोपोरी सूफ़ियाना घराना की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए लगातार सीख रहे हैं और रियाज कर रहे हैं. उदयपुर के इस युवा कलाकार की उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे राजस्थान को गर्व का मौका दिया है. उनके इस सफर को अब युवा कलाकारों के लिए भी प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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