रांची का रहस्यमयी पेड़, छूने पर बदल देता है रूप, डायरिया, पेट दर्द, स्किन की बीमारियों के लिए है रामबाण, गुण जानकर रह जाएंगे हैरान

Last Updated:July 03, 2026, 07:17 IST
Chui Mui Plant Benefits: रांची के जंगलों में अनोखा छुईमुई का पौधा पाया जाता है. इसके औषधीय गुण जानकर आप हैरान रह जाएंगे. इसके पौधे से चोट की घाव, पेट की समस्याओं और त्वचा रोगों में फायदेमंद मानी जाती है. इसे रांची के लोग जादुई पौधा के नाम से पुकारते हैं.
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रांची: झारखंड में रांची के जंगलों में खासतौर पर छुईमुई पौधे काफी पाए जाते हैं. दरअसल, इस पौधे की खासियत यह है कि इसके पत्ते पर जैसे आप हाथ रखेंगे यह अपने आप मुरझा जाता है. और थोड़ी देर बाद अपने आप खिल भी जाता है. दरअसल, इसके काफी औषधीय गुण भी हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि ये डारिया तक की समस्या को भी ठीक करता है. आइये जानते हैं इसके बारे में.
यहां के स्थानीय निवासी सुजीत बताते हैं कि इससे जल्दी घाव भरता है और पेट की जितनी भी समस्या है, इसके लिए रामबाण मानी जाती है. हम लोग गांव वाले इस पत्ते को तोड़ते हैं और इसका कथा बनाते हैं. अगर आपको डायरिया है, पेट में दर्द है किसी भी तरह की कोई भी तकलीफ है, गैस अपच है तो बस इसको दो चम्मच पी लेना है. इससे ये बीमारियां अपने आप ठीक हो जाएंगी.
बड़ा ही जादुई है ये पौधा
सुजीत बताते हैं कि हम लोग इसको जादुई पौधा कहते हैं. क्योंकि आप जैसे ही इस पत्ते को छुयेंगे ये अपने आप मुरझा जाएगा और फिर से अपनी जगह पर आ जाएगा. लोग तो कई बार इससे खेलते भी हैं. बाहर से कई लोग आते हैं तो खासतौर पर इस पौधे को देखने के लिए आते हैं और छूकर देखकर आनंद लेते हैं. और इसका वीडियो भी बनाते हैं.
उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा त्वचा में जो दाग खुजली यह सारी चीज होती है. इसके इलाज के लिए भी ये रामबाण माना जाता है. हम इसका पेस्ट बना लेते हैं और जहां पर स्किन में समस्या है. वहां पर रगड़ देते हैं, दो-चार बार आप ऐसा करेंगे और आप देखेंगे चर्म रोग से जुड़ी हुई सारी समस्या धीरे-धीरे खत्म होने लगेगी. इसीलिए इसे औषधि के रूप में भी देखा जाता है.
आकर्षण का केंद्र बनता है ये जादुई पेड़
सुजीत बताते हैं कि यह पौधा रांची के आसपास खूंटी के जंगलों में पाया जाता है. यह आकर्षण का केंद्र रहता है. कई बार तो लोग सिर्फ पौधे को ही देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं और हमसे पूछते हैं कि वह छुईमुई पौधा कहां है. इसके अलावा स्थानीय लोग इसे जैविक खाद बनाने का भी काम करते हैं. ये एक पौधा है और उसके फायदे अनेक हैं.
About the AuthorBrijendra Pratap Singh
बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें
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