Rajasthan

राहत से ज्यादा आफत! मानसून की पहली बारिश में राजस्थान बेहाल, SMS अस्पताल में घुसा पानी, सड़कें भी डूबीं

जयपुर. राजस्थान में मानसून ने दस्तक देते ही एक ओर भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई, तो दूसरी ओर पहली ही बारिश ने कई शहरों में व्यवस्थाओं की हकीकत भी उजागर कर दी. गुरुवार को प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद शुक्रवार को जयपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा समेत कई जिलों में झमाझम बारिश हुई. राजधानी जयपुर में हालात सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आए, जहां प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में बारिश का पानी घुस गया. इमरजेंसी, आईसीयू, ईसीजी और एक्स-रे कक्ष तक जलभराव होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

वहीं शहर की कई प्रमुख सड़कें भी पानी में डूब गईं, जिससे ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को घंटों जाम और जलभराव से जूझना पड़ा. दूसरी ओर उदयपुर में देर से पहुंचे मानसून ने मौसम सुहाना कर दिया, जबकि बांसवाड़ा में बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे. हालांकि वहां भी कई इलाकों में जलभराव के कारण जनजीवन प्रभावित रहा. पहली ही बारिश ने एक बार फिर मानसून पूर्व तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

SMS अस्पताल में घुसा बारिश का पानी, मरीजों की बढ़ी मुश्किल

राजधानी जयपुर के एसएमएस अस्पताल में पहली ही बारिश के बाद ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्थाएं चरमरा गईं. देर रात ट्रॉमा सेंटर की छत से ग्राउंड फ्लोर तक बारिश का पानी पहुंच गया. मुख्य इमरजेंसी, आईसीयू, ईसीजी और एक्स-रे कक्ष सहित कई हिस्सों में जलभराव हो गया. बरामदों और अलग-अलग विंडो तक पानी पहुंचने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. गंभीर मरीज पानी के बीच इलाज और जांच कराने को मजबूर दिखे. महत्वपूर्ण मशीनों के आसपास भी पानी जमा हो गया. बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य की धूल-मिट्टी और कचरे से जल निकासी बाधित होने के कारण यह स्थिति बनी.

जयपुर की सड़कें बनीं तालाब

एसएमएस अस्पताल के  कर्मचारियों को करीब 10 घंटे तक वाइपर और अन्य संसाधनों से पानी निकालना पड़ा. पहली ही बारिश में अस्पताल प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए. वहीं राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा. सुबह के समय ऑफिस और स्कूल जाने वाले लोगों को लंबा जाम और पानी से भरी सड़कों का सामना करना पड़ा. कई जगह वाहन रेंगते नजर आए और लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा.

उदयपुर में देर से पहुंचा मानसून

उदयपुर में इस बार मानसून करीब आठ दिन की देरी से पहुंचा. शुक्रवार सुबह शहर और आसपास के इलाकों में रिमझिम बारिश, ठंडी हवाओं और घने बादलों ने मौसम सुहाना बना दिया. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार बंगाल की खाड़ी की मानसूनी शाखा के जरिए मेवाड़ में मानसून पहुंचा है. विभाग ने पूरे सीजन में सामान्य से अच्छी बारिश की उम्मीद जताई है.

बांसवाड़ा में किसानों के खिले चेहरे, शहर में जलभराव

बांसवाड़ा में शुक्रवार सुबह से हुई झमाझम बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दिलाई. लंबे इंतजार के बाद मानसून आने से किसानों के चेहरे खिल उठे, क्योंकि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक मानी जा रही है. हालांकि शहर के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात प्रभावित रहा. कई मुख्य सड़कें नहर जैसी दिखाई दीं और वाहन चालकों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मानसून की पहली बारिश ने राजस्थान में राहत और आफत, दोनों की तस्वीर पेश की है. जहां किसानों और आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं राजधानी की बदहाल व्यवस्थाओं और जलभराव ने प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मौसम विभाग ने आगामी दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में और बारिश की संभावना जताई है, ऐसे में प्रशासन के सामने जल निकासी और आपदा प्रबंधन की चुनौती भी बढ़ गई है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj