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मैनचेस्टर में ‘करो या मरो’… गंभीर का भरोसा बनाम वैभव सूर्यवंशी का तूफान, क्या संजू सैमसन बचा पाएंगे अपनी जगह

नई दिल्ली. भारतीय टी20 क्रिकेट इस समय एक बेहद दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है. टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतने के बाद, हेड कोच गौतम गंभीर की देखरेख में टीम इंडिया का जो विजयी रथ चल रहा था, उसे अचानक ब्रेक लग गया है. सूर्यकुमार यादव के बाद टीम की कप्तानी संभालने वाले श्रेयस अय्यर के लिए यह बदलाव अब तक आसान नहीं रहा है. विश्व चैंपियन बनने के बाद से भारत अब तक एक भी मैच नहीं जीत सका है. पूरी चैंपियन टीम लगभग वही है, बस नंबर चार पर सूर्यकुमार की जगह अय्यर आ गए हैं. इंग्लैंड के खिलाफ पिछला मैच बारिश की भेंट चढ़ने के बाद श्रेयस अय्यर को कप्तान के रूप में अपनी पहली टी20 जीत का अभी भी इंतजार है.

हालांकि, दबाव सिर्फ कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) पर नहीं है. इस समय सबसे ज्यादा नजरें संजू सैमसन (Sanju Samson) पर टिकी हैं जो तीन महीने पहले भारत को तीसरा टी20 वर्ल्ड कप जिताने के सबसे बड़े नायक थे. वर्ल्ड कप के आखिरी तीन नॉकआउट और ‘मस्ट-विन’ मैचों में सैमसन ने क्रमशः 97, 89 और 89 रनों की पारियां खेलकर टीम को चैंपियन बनाया था. इसके बाद आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हुए उन्होंने दो शानदार शतक भी जड़े. लेकिन क्रिकेट में बीता हुआ कल मायने नहीं रखता. मौजूदा यूके दौरे पर सैमसन का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा है, जहां उनके स्कोर 5, 0 और 1 रन रहे हैं. ऐसे में मैनचेस्टर टी20 उनके लिए ‘करो या मरो’ का मुकाबला बन चुका है, क्योंकि बेंच पर बैठा एक 15 साल का लड़का लगातार प्लेइंग इलेवन का दरवाजा खटखटा रहा है.

संजू सैमसन के लिए दूसरा टी20 करो या मरो जैसा है.

भावनाओं पर भारी पड़ा भरोसाभारतीय टीम प्रबंधन के लिए सबसे आसान और इमोशनल फैसला यह होता कि वे सैमसन को ड्रॉप करते और सोशल मीडिया के दबाव में आकर नए सनसनीखेज खिलाड़ी को डेब्यू कैप थमा देते. लेकिन गौतम गंभीर और उनका कोचिंग स्टाफ जज्बाती फैसलों के लिए नहीं जाना जाता. लगातार तीन फ्लॉप पारियों के बावजूद शुक्रवार के मैच में संजू सैमसन को बैक किया जा रहा है. टीम के बॉलिंग कोच मॉर्ने मॉर्केल ने मैच की पूर्व संध्या पर साफ कर दिया कि चैंपियन खिलाड़ियों को लंबा मौका मिलना चाहिए. मॉर्केल ने कहा, ‘हमें इस बात का सम्मान करना होगा कि हमारे पास अभिषेक शर्मा के रूप में टी20 का नंबर वन बल्लेबाज है. संजू वर्ल्ड कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट (नायकों में से एक) थे और उनका आईपीएल भी शानदार रहा। अपने खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाना और उन्हें बैक करना ही सही फैसला है.’

15 साल का वो तूफान, जिसका सबको इंतजार हैइस पूरी कहानी का सबसे अनोखा पहलू 15 साल के वैभव सूर्यवंशी हैं। उन्होंने अब तक एक भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है, लेकिन वे भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी सनसनी बने हुए हैं. हर नेट सेशन और टीम अनाउंसमेंट के साथ सिर्फ एक ही सवाल गूंजता है. वैभव कब खेलेंगे? और ऐसा हो भी क्यों न, उनके आंकड़े किसी सपने जैसे हैं.

एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज भी वैभव को टीम में शामिल करने की वकालत कर चुके हैं. लेकिन गंभीर मैनेजमेंट का मानना है कि कोई जल्दबाजी नहीं है. वैभव का मुकाबला किसी साधारण खिलाड़ी से नहीं, बल्कि वर्ल्ड कप जिताने वाले स्थापित दिग्गजों से है. भविष्य की सोचने से पहले भारत को अपने वर्तमान को ठीक करना होगा. आयरलैंड के खिलाफ मिली हार एक बड़ा झटका थी. अगर मैनचेस्टर में भी हार मिली, तो 2021 के बाद पहली बार भारत लगातार तीन मैच हारने की कगार पर होगा. इसके अलावा नंबर पांच पर तिलक वर्मा का धीमा स्ट्राइक रेट भी चिंता का विषय है.

पिच और मौसम को देखते हुए टीम इंडिया डरहम मैच के तीन स्पिनर वाले कॉम्बिनेशन को बदल सकती है. वॉशिंगटन सुंदर को बाहर रखने के बाद, इस मैच में तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को मौका मिल सकता है, जिनकी तारीफ खुद मॉर्ने मॉर्केल कर चुके हैं.

दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-XIभारतसंजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हर्षित राणा, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती/प्रिंस यादव.

इंग्लैंड

फिल साल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग.

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