“बिना मैदान कैसे बनेंगे चैंपियन…” खिलाड़ियों का दर्द सुनिए, आखिर सुमेरपुर को कब मिलेगा अपना स्टेडियम?

Last Updated:July 04, 2026, 07:09 IST
Sumerpur Pali Sports Stadium Demand Ground Report: पाली जिले का सुमेरपुर कस्बा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाई लेपर्ड सफारी के लिए प्रसिद्ध होने के बाद भी खेल सुविधाओं में पिछड़ा है. यहाँ के खिलाड़ियों को अभ्यास और टूर्नामेंट के लिए जोधपुर या पाली जाना पड़ता है. स्थानीय खेल प्रेमियों ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास खाली जमीन पर 15 करोड़ रुपये की लागत से क्रिकेट ग्राउंड, 400 मीटर एथलेटिक्स ट्रैक और इंडोर कोर्ट युक्त एक आधुनिक मल्टीपर्पज स्टेडियम बनाने की मांग राजस्थान सरकार से की है.
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Ground Report: कहते हैं कि देश का भविष्य खेल के मैदानों में तैयार होता है, लेकिन राजस्थान के पाली जिले के सुमेरपुर के युवाओं के पास अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए एक अदद मैदान तक नसीब नहीं है. सुमेरपुर आज एक बड़े और आधुनिक कस्बे के रूप में तेजी से विकसित हो चुका है, लेकिन खेल के बुनियादी ढांचे (Sports Infrastructure) के मामले में यह आज भी बेहद पिछड़ा हुआ है. लंबे समय से यहाँ के स्थानीय लोग, खेल प्रेमी और युवा एक सर्वसुविधाजनक खेल स्टेडियम की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगा है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाई लेपर्ड सफारी के लिए विख्यात और पाली जिले का सबसे बड़ा कस्बा ‘सुमेरपुर’ आज भी खेल सुविधाओं के मामले में पूरी तरह उपेक्षित है. यहां के स्थानीय खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों को हर छोटे-बड़े आयोजन या अभ्यास के लिए पाली या जोधपुर के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है. सुमेरपुर के प्रमुख खेल प्रेमी जगदीश राजपुरोहित ने क्षेत्र में एक आधुनिक खेल स्टेडियम की मांग उठाते हुए सरकार और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर खींचा है. राजपुरोहित का कहना है कि यह बेहद चिंताजनक और सोचने वाली बात है कि इतनी बड़ी आबादी और अंतरराष्ट्रीय पहचान होने के बावजूद सुमेरपुर के पास अपना एक सर्वसुविधायुक्त खेल मैदान तक नहीं है.
बजट का अभाव और अधूरे प्रयासों से निराशास्थानीय खेल प्रेमियों और युवाओं का कहना है कि सुमेरपुर में स्टेडियम बनाने के लिए जगह की कोई कमी नहीं है. स्कूल के पास ही दशहरा मैदान स्थित है, जिसकी चारदीवारी भी बनी हुई है. इसके पास ही एक बड़ा भूखंड खाली पड़ा है जो स्टेडियम के लिए सबसे उपयुक्त जगह है. मगर उसके बावजूद अभी तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. पिछली बार सरकार की ओर से स्वीकृत हुआ सवा करोड़ रुपये का बजट महज दशहरा मैदान की चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) बनाने में ही खर्च हो गया, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को कोई सीधा फायदा नहीं मिला.
वर्तमान मैदान की दुर्दशा और जोधपुर पर निर्भरतासुमेरपुर में वर्तमान में जो मैदान उपलब्ध है, वह पूरी तरह से गोलाई में नहीं है. जगदीश राजपुरोहित कहते हैं कि हम वर्तमान में सुमेरपुर के स्तर पर एक बहुत बड़ा खेल टूर्नामेंट प्लान कर रहे हैं. लेकिन दुर्भाग्य की बात देखिए कि इस बड़े आयोजन के लिए हमें मैदान देखने और व्यवस्थाएं जुटाने के लिए जोधपुर तक दौड़ लगानी पड़ रही है. अगर हमारे अपने सुमेरपुर में सर्वसुविधायुक्त मैदान होता, तो हमें इतनी दूर भटकने की जरूरत ही नहीं पड़ती. एक अच्छा स्टेडियम होने से यहां बड़े टूर्नामेंट आयोजित होंगे, जिससे सुमेरपुर की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा.
सरकार से मांग: ₹15 करोड़ के बजट के साथ बने मल्टीपर्पज स्टेडियमसुमेरपुर के खेल प्रेमियों ने राजस्थान सरकार से पुरजोर आग्रह किया है कि क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को देखते हुए कम से कम 15 करोड़ रुपये का विशेष बजट स्वीकृत किया जाए. इस बजट से एक ऐसा आधुनिक मल्टीपर्पज स्टेडियम तैयार हो जिसमें ये निम्नलिखित सुविधाएं अनिवार्य रूप से शामिल हों:
क्रिकेट ग्राउंड: स्थानीय स्तर पर क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन पिच और अंतरराष्ट्रीय मानक का मैदान.
400 मीटर एथलेटिक्स ट्रैक: धावकों और एथलीटों के नियमित अभ्यास के लिए एक मानक ट्रैक.
इंडोर गेम्स व कोर्ट: बैडमिंटन और टेनिस बॉल जैसे खेलों के लिए आधुनिक इंडोर व्यवस्था.
चेंजिंग रूम व सुविधाएं: छात्र और छात्राओं (गर्ल्स व बॉयज) के लिए अलग-अलग सुरक्षित चेंजिंग रूम और बुनियादी सुविधाएं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Location :
Sumerpur,Pali,Rajasthan



