Rajasthan

कभी लाशें मिलती थीं, अब कैमरे बताते हैं सच! जवाई बांध की खौफनाक सच्चाई सुनकर सिहर जाएंगे

Last Updated:July 04, 2026, 10:28 IST

Pali Jawai Dam : जवाई बांध में आत्महत्या और हत्या के मामलों पर CCTV कैमरों से रोक लगी है. पहले शवों को बांध में फेंककर आत्महत्या दिखाने की कोशिश होती थी, अब फुटेज से सच्चाई सामने आती है. डूबते लोगों की जान बचाने वाले हरीराम मेघवाल बताते हैं कि एक समय ऐसा था, जब जवाई बांध में डूबने की घटनाएं काफी अधिक होती थीं. उस दौरान जब पाली के तत्कालीन जिला कलेक्टर यहां पहुंचे, तब उन्होंने उनसे पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आग्रह किया.

पाली. खूबसूरती… जो आंखों को सुकून देती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी खूबसूरती के पीछे मौत का एक गहरा कुआं भी छिपा हो सकता है? जी हां, मारवाड़ का अमृत सरोवर कहलाने वाला जवाई बांध जितना अपनी अथाह जलराशि और प्राकृतिक वादियों के लिए मशहूर है, उतनी ही खौफनाक कहानियां इसकी गहराइयों में दफन हैं.

एक समय ऐसा भी था, जब यहां केवल आत्महत्या के मामले ही सामने नहीं आते थे, बल्कि कई बार रंजिश के चलते लोगों को धक्का देकर मौत के घाट उतारने जैसी घटनाओं की भी चर्चा होती थी. कई मामलों में दूसरे स्थान पर हत्या करने के बाद शव को जवाई बांध में फेंक दिया जाता था, ताकि मामला आत्महत्या का लगे. लेकिन अब जवाई बांध की इस कड़वी हकीकत पर तीसरी आंख का पहरा बैठ चुका है. जलदाय विभाग की ओर से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों ने न केवल संदिग्ध घटनाओं पर लगाम लगाई है, बल्कि जांच एजेंसियों के लिए भी सच्चाई तक पहुंचना आसान बना दिया है.

कलेक्टर से आग्रह के बाद लगाए गए सीसीटीवीडूबते लोगों की जान बचाने वाले हरीराम मेघवाल बताते हैं कि एक समय ऐसा था, जब जवाई बांध में डूबने की घटनाएं काफी अधिक होती थीं. उस दौरान जब पाली के तत्कालीन जिला कलेक्टर यहां पहुंचे, तब उन्होंने उनसे पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आग्रह किया. उनका कहना था कि यदि बांध पर कैमरे लग जाएंगे तो किसी भी घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आ जाएगी और प्रशासन के लिए “दूध का दूध और पानी का पानी” करना आसान हो जाएगा. इसके बाद सरकार ने यहां सीसीटीवी कैमरे लगवाए, जिसका सकारात्मक असर देखने को मिला और ऐसी घटनाओं में काफी कमी आई.

सीसीटीवी से कम हुई संदिग्ध घटनाएंहरीराम मेघवाल के अनुसार, पहले कई बार ऐसे मामले सामने आते थे, जिनमें किसी व्यक्ति की कहीं और हत्या कर शव को जवाई बांध में डाल दिया जाता था, ताकि उसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके. अब कैमरों की निगरानी के कारण ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगी है. किसी भी घटना की स्थिति में फुटेज देखकर यह स्पष्ट हो जाता है कि व्यक्ति ने खुद छलांग लगाई थी, वह हादसे का शिकार होकर गिरा था या फिर किसी ने उसे धक्का दिया था.

जांच और सुरक्षा व्यवस्था हुई मजबूतसीसीटीवी कैमरे लगने के बाद केवल संदिग्ध मामलों का खुलासा ही आसान नहीं हुआ, बल्कि पुलिस और प्रशासन को निष्पक्ष जांच करने में भी बड़ी मदद मिलने लगी है. कैमरों की निगरानी से बांध क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है. स्थानीय लोगों का भी मानना है कि इस पहल के बाद अपराधियों में डर बढ़ा है और हादसों के साथ-साथ आपराधिक घटनाओं में भी कमी आई है. यही वजह है कि प्रशासन के इस कदम की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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