Jagdeep Dhankhar Blood Group Case

Last Updated:July 04, 2026, 16:28 IST
Jaipur Hospital Jagdeep Dhankhar News : जयपुर में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का ब्लड ग्रुप सरकारी चिट्ठी में गलत दर्ज हो गया. क्लर्क की गलती से A पॉजिटिव की जगह O नेगेटिव लिखा गया, जिसे समय रहते सुधार लिया गया. बताया गया कि सरकारी पत्र में जगदीप धनखड़ का ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव की जगह ओ नेगेटिव लिख दिया गया. जबकि ओ नेगेटिव ब्लड ग्रुप उनकी पत्नी का है. यही सबसे बड़ी चूक मानी जा रही है.
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जगदीप धनखड़ के मेडिकल रिकॉर्ड में गलती
जयपुर. कभी-कभी फाइल पर लिखी एक छोटी सी गलती भी बड़ा सवाल खड़ा कर देती है. जयपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसमें पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इलाज से जुड़ी एक सरकारी चिट्ठी में उनका ब्लड ग्रुप गलत दर्ज हो गया. राहत की बात यह रही कि समय रहते इस गलती का पता चल गया और उसे तुरंत ठीक भी कर दिया गया. अगर यह चूक आगे तक पहुंच जाती और जरूरत पड़ती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी.
जानकारी के अनुसार जगदीप धनखड़ इन दिनों जयपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए आए हुए थे. मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत पूर्व उपराष्ट्रपति के इलाज के दौरान एहतियात के तौर पर उनके लिए ब्लड रिजर्व रखने की व्यवस्था की जानी थी. इसी प्रक्रिया के दौरान जयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से सवाई मानसिंह अस्पताल को भेजे गए आधिकारिक पत्र में उनका ब्लड ग्रुप गलत दर्ज हो गया.
पत्नी का ब्लड ग्रुप लिख दिया गयाबताया गया कि सरकारी पत्र में जगदीप धनखड़ का ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव की जगह ओ नेगेटिव लिख दिया गया. जबकि ओ नेगेटिव ब्लड ग्रुप उनकी पत्नी का है. यही सबसे बड़ी चूक मानी जा रही है. जानकारी के मुताबिक धनखड़ के निजी सचिव की ओर से पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि उनके लिए ए पॉजिटिव ब्लड रिजर्व रखा जाए. इसके बावजूद पत्र तैयार करते समय क्लेरिकल गलती हो गई और गलत ब्लड ग्रुप दर्ज होकर अस्पताल भेज दिया गया.
समय रहते सुधारी गई गलतीराहत की बात यह रही कि इस गलती का समय रहते पता चल गया. इसके बाद जयपुर प्रथम के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रवि शेखावत ने स्वीकार किया कि यह एक क्लेरिकल एरर थी और इसे तुरंत ठीक कर दिया गया. गलती सामने आने के बाद सीएमएचओ कार्यालय की ओर से सवाई मानसिंह अस्पताल को नया संशोधित पत्र भेजा गया. इस बार पत्र में जगदीप धनखड़ का सही ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव दर्ज किया गया ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो.
खून की जरूरत नहीं पड़ी, लेकिन प्रोटोकॉल जरूरी थाजानकारी के अनुसार इलाज के दौरान जगदीप धनखड़ को खून चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ी. फिर भी सुरक्षा और मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत उनके लिए पहले से ब्लड रिजर्व रखने की प्रक्रिया अपनाई जा रही थी. इसी दौरान यह गलती सामने आई. हालांकि समय पर हुई इस सुधार ने संभावित परेशानी को टाल दिया. अब यह मामला सरकारी दस्तावेज तैयार करते समय बरती जाने वाली सावधानी को लेकर भी चर्चा में है. एक छोटी सी क्लेरिकल गलती ने यह जरूर दिखा दिया कि मेडिकल मामलों में रिकॉर्ड की शुद्धता कितनी जरूरी होती है और छोटी लापरवाही भी बड़े सवाल खड़े कर सकती है.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan



