मानसून आते ही सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों पर बढ़ी चिंता, तीन भवन गिरने के बाद शिक्षा विभाग अलर्ट!

Last Updated:July 04, 2026, 17:25 IST
Rajasthan News : मानसून में जर्जर सरकारी स्कूल भवन चिंता का कारण बने हैं. नए सत्र में 3 स्कूल गिरे, पर जनहानि नहीं हुई. शिक्षा विभाग सुरक्षा ऑडिट करा रहा है. शिक्षा विभाग ने जर्जर भवनों को लेकर स्कूल खुलने से पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे. इसके बावजूद प्रदेश में कई ऐसे स्कूल हैं, जिनकी हालत बेहद खराब बनी हुई है. कई इमारतें पूरी तरह खंडहर जैसी दिखाई देती हैं.सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों पर बढ़ी चिंता,
बीकानेर. प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतें एक बार फिर चिंता का बड़ा कारण बन गई हैं. नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के बीच अलग-अलग जगहों पर तीन सरकारी स्कूल भवन गिरने की घटनाओं ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि राहत की बात यह रही कि इन घटनाओं में किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार सामने आ रहे मामलों ने शिक्षा विभाग की तैयारियों पर बहस जरूर छेड़ दी है.
बारिश का मौसम शुरू होते ही पुराने और कमजोर स्कूल भवनों का खतरा और बढ़ जाता है. ऐसे में विभाग भी अब सतर्क नजर आ रहा है. अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी. इसी वजह से प्रदेशभर में जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति का दोबारा आकलन कराया जा रहा है.
आदेश पहले जारी हुए, लेकिन कई भवन अब भी खंडहर जैसेशिक्षा विभाग ने जर्जर भवनों को लेकर स्कूल खुलने से पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे. इसके बावजूद प्रदेश में कई ऐसे स्कूल हैं, जिनकी हालत बेहद खराब बनी हुई है. कई इमारतें पूरी तरह खंडहर जैसी दिखाई देती हैं. विभाग ने इन्हें जर्जर तो मान लिया है, लेकिन कई जगह इन्हें गिराने के आदेश अब तक जारी नहीं हो सके हैं. इसी बीच लोक निर्माण विभाग की ओर से भवनों के सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी करने का काम भी पूरी तरह पूरा नहीं हो पाया है. ऐसे में कई स्कूलों की स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है. विभाग अब चाहता है कि किसी भी तरह की दुर्घटना होने से पहले जरूरी कदम उठा लिए जाएं.
कलेक्टरों को जल्द ऑडिट पूरा कराने के निर्देशशिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र भेजकर स्कूल भवनों का सुरक्षा ऑडिट जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं. जिन स्कूलों की इमारतें असुरक्षित पाई जाएंगी, उन्हें दूसरे सुरक्षित भवनों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी तेज करने को कहा गया है. उच्च स्तर पर भी इस पूरे मामले की निगरानी की जा रही है ताकि बारिश के दौरान बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके.
बैरिकेडिंग से लेकर छतों की सफाई तक दिए गए निर्देशअतिरिक्त शिक्षा निदेशक शैलेन्द्र देवड़ा ने बताया कि सभी शिक्षा अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि जर्जर भवनों के आसपास बैरिकेडिंग कराई जाए ताकि बच्चे वहां न पहुंच सकें. इसके साथ ही स्कूल परिसरों में बारिश का पानी जमा नहीं होने दिया जाए और भवनों की छतों की नियमित सफाई कराई जाए. विभाग का कहना है कि बारिश के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है. इसलिए सभी अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के लिए कहा गया है. अब देखना होगा कि जारी किए गए निर्देश जमीन पर कितनी तेजी से लागू होते हैं और प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए कितनी प्रभावी व्यवस्था की जाती है.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
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