Rajasthan

1.16 लाख रुपये दिए, इंश्योरेंस भी मिला… फिर भी नहीं मिली स्कूटी! ओला ग्राहक की कहानी सुनकर रह जाएंगे हैरान

Last Updated:July 04, 2026, 18:08 IST

Ola Electric Vehicle Alwar News : अलवर में ओला स्कूटी ग्राहक को दो महीने से परेशान कर रही है. रजिस्ट्रेशन अटका, 47 ईमेल भेजे, फिर भी डिलीवरी नहीं मिली. RTO ने शोरूम को नोटिस दिया, 9 जुलाई तक रिफंड का आश्वासन.1.16 लाख रुपये दिए फिर भी नहीं मिली स्कूटी! ओला ग्राहक की कहानी हैरान कर देगीZoomओला स्कूटी ग्राहक परेशान, RTO-कंपनी पर सवाल.

अलवर. अलवर में एक इलेक्ट्रिक स्कूटी की खरीद ने एक ग्राहक को ऐसा परेशान किया कि उसे करीब दो महीने तक कंपनी और परिवहन विभाग के चक्कर लगाने पड़े. मामला सिर्फ स्कूटी की देरी से डिलीवरी का नहीं है, बल्कि वाहन पंजीकरण की प्रक्रिया में सामने आई खामियों ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्राहक का कहना है कि उसने पूरी ऑन रोड कीमत जमा कर दी, बिल भी मिल गया, इंश्योरेंस भी जारी हो गया, लेकिन स्कूटी आज तक उसके हाथ नहीं पहुंची.

मामला डीग जिले के नगर निवासी अंशुल से जुड़ा है. उनका कहना है कि उन्होंने 3 मई को अलवर के 200 फीट रोड स्थित नमन होटल के पास मौजूद ओला शोरूम से 1 लाख 16 हजार 646 रुपए की ऑन रोड कीमत पर इलेक्ट्रिक स्कूटी बुक कराई थी. उसी दिन कंपनी ने बिल जारी किया, वाहन का वीआईएन नंबर दिया और इंश्योरेंस भी जारी कर दिया. साथ ही 15 दिन के भीतर स्कूटी की डिलीवरी देने का भरोसा भी दिया गया था.

रजिस्ट्रेशन अटका तो रुक गई पूरी प्रक्रियाअंशुल के अनुसार तय समय बीतने के बाद भी स्कूटी नहीं मिली तो उन्होंने कई बार शोरूम और कंपनी से संपर्क किया. इसके बाद कंपनी ने वाहन पंजीकरण के लिए आरटीओ की जानकारी मांगी. अंशुल ने डीग आरटीओ का नाम बताया, जिसके बाद कंपनी ने अपने पोर्टल पर डीग आरटीओ का चयन कर दिया. यहीं से पूरी परेशानी शुरू हो गई. आरोप है कि डीग आरटीओ का विकल्प पोर्टल पर तो मौजूद था, लेकिन वहां वाहन पंजीकरण की सुविधा शुरू ही नहीं हुई थी. इसी वजह से वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर जारी नहीं हो सका. बाद में आवेदन भी रद्द नहीं हो पाया और पूरा मामला अटक गया.

47 ई मेल भेजे, फिर भी नहीं मिला समाधानअंशुल का कहना है कि जब कंपनी स्कूटी की डिलीवरी नहीं दे पा रही थी, तब उसे उनका पैसा वापस कर देना चाहिए था. उन्होंने इस मामले में कंपनी को 47 ई मेल भेजे, लेकिन हर बार कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला. आखिरकार उन्होंने सरकारी शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद शनिवार को अलवर आरटीओ के निरीक्षक लक्ष्मीनारायण सैनी ओला शोरूम पहुंचे. उन्होंने शोरूम प्रबंधक को नोटिस जारी करते हुए उपभोक्ता की पूरी राशि लौटाने के निर्देश दिए. कंपनी की ओर से 9 जुलाई तक पूरा पैसा रिफंड करने का आश्वासन दिया गया है.

बिल को लेकर भी उठाया सवालअंशुल ने यह भी आरोप लगाया कि भुगतान अलवर में किया गया, लेकिन उन्हें जयपुर के नाम से बिल जारी किया गया. उनका कहना है कि अगर डीग आरटीओ में वाहन पंजीकरण की सुविधा शुरू नहीं हुई थी, तो पोर्टल पर उसका विकल्प नहीं दिखाया जाना चाहिए था. इससे दूसरे उपभोक्ताओं को भी इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. अब इस मामले ने कंपनी की कार्यप्रणाली और परिवहन व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. उपभोक्ता को उम्मीद है कि न सिर्फ उसका पैसा समय पर वापस मिलेगा, बल्कि ऐसी तकनीकी खामियों को भी जल्द दूर किया जाएगा ताकि दूसरे लोगों को इसी तरह की परेशानी से नहीं गुजरना पड़े.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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