Camphor Vs Naphthalene Balls: अलमारी में कपूर रखें या नेफ्थलीन बॉल्स? जानें किससे स्वास्थ्य को होता है कम नुकसान!

Last Updated:July 04, 2026, 17:40 IST
Camphor Vs Naphthalene Balls: अलमारी में रखे कपड़ों को नमी और कीड़ों से बचाने के लिए लोग अक्सर कपूर या नेफ्थलीन की गोलियों का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इनमें से कौन-सा आपकी सेहत के लिए ज्यादा सुरक्षित है?Camphor Vs Naphthalene Balls
Camphor Vs Naphthalene Balls: अक्सर लोग अपने कपड़ों को नमी, खराब गंध और कीड़ों से बचाने के लिए कपूर या नेफ़थलीन की गोलियों का इस्तेमाल करते हैं. घरों में लंबे समय से इन दोनों का इस्तेमाल होता आ रहा है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी सेहत के लिए कौन सा विकल्प ज़्यादा सुरक्षित है? हालांकि दोनों के अपने-अपने फ़ायदे हैं, लेकिन सेहत पर इनका असर अलग-अलग हो सकता है. आइए जानते हैं कपूर और नेफ़थलीन के गोलियों के बीच का अंतर और इस्तेमाल के लिए किसे ज़्यादा सुरक्षित माना जाता है…
कपूर के फ़ायदेएक्सपर्ट के मुताबिक प्राकृतिक कपूर को काफ़ी हद तक सुरक्षित माना जाता है. इसकी तेज़ खुशबू अलमारी की बुरी गंध को दूर करने और कीड़े-मकोड़ों को दूर रखने में मदद करती है. कपूर का इस्तेमाल धार्मिक अनुष्ठानों, अरोमाथेरेपी और घरेलू नुस्खों में किया जाता है. हालांकि, इसकी तेज़ गंध कुछ लोगों को परेशान कर सकती है. इसलिए, इसे सीमित मात्रा में और अच्छी हवादार जगहों पर इस्तेमाल करना सबसे अच्छा है.
नेफ्थलीन बॉल्स के नुकसाननेफ़थलीन बॉल्स में ऐसे केमिकल होते हैं जो धीरे-धीरे हवा में घुलते रहते हैं. इनके लंबे समय तक या ज़्यादा संपर्क में रहने से सिरदर्द, चक्कर आना और आंखों व नाक में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ये छोटे बच्चों और पालतू जानवरों के लिए खास तौर पर खतरनाक होते हैं, क्योंकि गलती से इन्हें खा लेने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए, इनका इस्तेमाल हमेशा सावधानी से करना चाहिए.
स्वास्थ्य के लिए कौन ज़्यादा सुरक्षित?सही मात्रा में इस्तेमाल करने पर, शुद्ध प्राकृतिक कपूर को आम तौर पर नेफ़थलीन बॉल्स की तुलना में ज़्यादा सुरक्षित विकल्प माना जाता है. नेफ़थलीन बॉल्स का इस्तेमाल तभी करना चाहिए जब बहुत ज़रूरी हो और इन्हें बच्चों व पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखना चाहिए.
कपड़ों की सुरक्षा के लिए कपूर और नेफ़थलीन बॉल्स दोनों ही उपयोगी हैं, लेकिन सेहत के नज़रिए से प्राकृतिक कपूर को बेहतर और सुरक्षित विकल्प माना जाता है. फिर भी, किसी भी उत्पाद का इस्तेमाल सही मात्रा में और सावधानी से करना सबसे ज़रूरी है.
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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.
About the AuthorRajvant Prajapati
With more than 4 years above of experience in Digital Media. Currently I am working with News 18. Here, I am covering Hyperlocal News, Agriculture, Lifestyle, Health & Wellness, Beauty, Fashion, Religion an…और पढ़ें
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