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‘ओशो, महेश भट्ट को बर्बाद कर देंगे…’ विनोद खन्ना लाए पैगाम, माला फ्लश करते ही परिवार को भागना पड़ा सेफ हाउस

Last Updated:July 07, 2026, 19:50 IST

पूजा भट्ट ने बताया कि महेश भट्ट ओशो के शिष्य थे, लेकिन एक दिन उन्होंने ओशो की माला टॉयलेट में बहा दी. इसके बाद उन्हें ग्रुप से निकाल दिया गया. विनोद खन्ना के जरिए ऐसा मैसेज मिला था कि उन्हें सेफ हाउस जाना पड़ा.'ओशो, महेश भट्ट को बर्बाद कर देंगे...' विनोद खन्ना लाए पैगाम, पूजा भट्ट बोलींZoom

एक वक्त था जब बॉलीवुड में कई स्टार्स ओशो के अनुयायी थे. विनोद खन्ना से लेकर महेश भट्ट इस फहरिस्त में शामिल हैं. हाल में ही महेश भट्ट की बेटी पूजा भट्ट ने अपने परिवार के ओशो से जुड़ने और पीछे हटने के फैसले पर बातचीत की. उन्होंने बताया कि उनके पिता ओशो के शिष्य थे. मगर एक वक्त ऐसा आया कि उन्होंने ओशो की माला को टॉयलेट में बहा दिया था.

साइरस सेज पॉडकास्ट में पूजा भट्ट ने बताया कि महेश भट्ट के ओशो का साथ छोड़ने का फैसला इतना बड़ा मुद्दा बन गया था कि उनके परिवार को एक सेफ हाउस में शरण लेनी पड़ी थी.

महेश भट्ट ने माला उतार टॉयलेट में फेंक दी थीपूजा भट्ट ने बताया कि एक वक्त ऐसा आया कि महेश भट्ट ने ओशो और उनकी आंदोलन से अपना रिश्ता पूरी तरह खत्म करने का फैसला लिया. पूजा भट्ट ने उस दौर को याद करते हुए बताया:

मेरे पिता रजनीश के आंदोलन का हिस्सा था. फिर एक दिन उन्होंने गले से अपनी माला उतारकर टॉयलेट में फ्लश कर दी. इसके बाद उन्हें ग्रुप से निकाल दिया गया.

विनोद खन्ना के जरिए आया मैसेजपूजा भट्ट ने बताया, उन्हें आज भी याद है कि विनोद खन्ना के जरिए उनकी मां के पास मैसेज आया था जिसे सुनकर उनका परिवार डर गया था. हालात ऐसे हो गए थे कि उन्हें आधी रात को सेफ हाउस में शिफ्ट होना पड़ा.

डर के मारे सेफ हाउस में हुए शिफ्टमहेश भट्ट की बेटी ने कहा कि उन्हें विनोद खन्ना के जरिए संदेश मिला था कि ‘भगवान (ओशो) महेश भट्ट से बहुत नाराज हैं और उन्हें बर्बाद कर देंगे.’ उस समय वह बहुत छोटी थी. हालात ऐसे हो गए थे कि उन्हें आधी रात को पुणे के सेफ हाउस में ले जाया गया था.

क्यों ओशो से दूर हो गए थे महेश भट्टकुछ साल पहले अरबाज खान के चैट शो में महेश भट्ट ने खुद इस बारे में बात करते हुए बताया था, “मैं आध्यात्मिक रास्तों की तलाश में था. तभी ओशो से मुलाकात हुई और मैं अनुयायी बन गया. मैंने भी भगवा कपड़े पहने और दिन में पांच बार ध्यान करना शुरू कर दिया. मगर एक वक्त ऐसा आया कि मुझे एहसास हुआ कि मेरे अंदर भी जलन है. मैं सिर्फ अध्यात्मिक दिखा रहा हूं लेकिन अंदर से ऐसा नहीं है. मैं खुद से झूठ नहीं बोलना चाहता था.”

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न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहीं वर्षा का डिजिटल मीडिया में 8 सालों का अनुभव है। एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है। वर्षा ने जामिया मिल्…और पढ़ें

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