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बारिश में अलवर का सबसे खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट! सिलीसेढ़ झील की हरियाली और बोटिंग बना देगी ट्रिप यादगार

Tourist palace Alwar: राजस्थान में मानसून की एंट्री हो चुकी है, ऐसे में अलवर जिले में बारिश का दौर शुरू हो गया है. इस दौरान अलवर जिले के टूरिस्ट प्लेस पर पर्यटकों की भीड़ शुरू हो जाती है. राजस्थान में तेज बारिश का ऑरेंज-यलो अलर्ट है, जिससे अलवर में रुक-रुककर बरसात हो रही है. जिसका आनंद उठाने के लिए पर्यटक अलवर पहुंच रहे हैं. बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा पर्यटक घूमने सिलीसेढ़ झील घूमने पहुंचे हैं. चारों तरफ पहाड़ों से घिरी झील बारिश के दौरान स्वर्ग जैसी बन जाती है. पहाड़ों के ऊपर बादलों का मंडराना और हरियाली पर्यटकों को काफी आकर्षित करती है. मानसून में सिलीसेढ़ झील में पर्यटक बोटिंग का भी लुफ्त उठाते हैं.

अगर आप भी अलवर के सिलीसेढ़ झील घूमने का मन बना रहे हैं तो यह मानसून की बारिश के दौरान आप अलवर आ सकते हैं. अगर आप दिल्ली में रहते हैं और वीकेंड पर अलवर के सिलीसेढ़ झील घूमना चाहते हैं तो आप आसानी से आ सकते हैं. दिल्ली से सिलीसेढ़ झील लगभग 170–190 किलोमीटर दूर है. ऐसे में सड़क मार्ग से 4-5 घंटे में पहुंच सकते हैं, वहीं अलवर शहर से सिलीसेढ़ झील 15–17 किमी, जिसे 25–30 मिनट में तय किया जा सकता है. इसलिए दिल्ली से आकर सिलीसेढ़ झील घूमने की योजना बना रहे हैं, तो सुबह निकलकर उसी दिन आराम से घूमकर वापस लौट सकते हैं. मानसून के मौसम में झील और आसपास की अरावली की पहाड़ियां विशेष रूप से आकर्षक दिखाई देती हैं.

हरियाली इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देतीअलवर की प्रसिद्ध सिलीसेढ़ झील दिल्ली-एनसीआर से करीब 170 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां घूमने पहुंचते हैं. यदि आप परिवार के साथ शांत माहौल में समय बिताना चाहते हैं या दोस्तों के साथ आउटिंग की योजना बना रहे हैं, तो सिलीसेढ़ झील बेहतरीन विकल्प है. खासकर मानसून के मौसम में झील और अरावली की हरियाली इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती है.

मण्डोर सुपरफास्ट एक्सप्रेस और योग एक्सप्रेसदिल्ली से अलवर पहुंचना बेहद आसान है. सड़क मार्ग से आप निजी वाहन या बस के जरिए यात्रा कर सकते हैं. दिल्ली के धौला कुआं और सराय काले खां बस अड्डे से अलवर के लिए नियमित बसें उपलब्ध हैं. रेल यात्रा करने वालों के लिए भी कई विकल्प हैं. दिल्ली जंक्शन से रोजाना चलने वाली रानीखेत एक्सप्रेस, शालीमार–मलानी एक्सप्रेस, आश्रम एक्सप्रेस, दिल्ली–भुज एक्सप्रेस, मण्डोर सुपरफास्ट एक्सप्रेस और योग एक्सप्रेस अलवर तक सुविधाजनक सेवा देती हैं. वहीं दिल्ली सराय रोहिल्ला से स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस भी अलवर के लिए उपलब्ध है.

मानसून के मौसम में ये झील पूरी भरी रहतीअलवर रेलवे स्टेशन से सिलीसेढ़ झील की दूरी लगभग 15–17 किलोमीटर है, जिसे टैक्सी या ऑटो से आसानी से तय किया जा सकता है. वहीं इस झील के पास बने पैलेस को होटल में बदल दिया गया है. ऐसे में ये होटल आपको किसी शाही महल में रुकने वाली फीलिंग देते हैं. अरावली पहाड़ियों के बीच इस झील को अलवर के महाराज विनय सिंह ने 1845 में निर्माण अलवर में पानी की सप्लाई करने के लिए किया गया था. जो अब एक टूरिस्ट स्पॉट भी बन चुका है. सुंदर नजारों की वजह से लोग प्री वेडिंग शूट से लेकर फैमिली आउटिंग के लिए यहां आना पसंद कर रहे. मानसून के मौसम में ये झील पूरी भरी रहती है और यहां पर लोग बोटिंग का लुत्फ उठाते हैं.

बोटिंग इंचार्ज भगीरथ ने बताया कि अलवर की सिलीसेढ़ झील में पर्यटकों के लिए मोटर बोट, स्पीड बोट, लग्जरी बोट और जेट स्की वाटर स्कूटर जैसी कई रोमांचक राइड की सुविधाएं उपलब्ध हैं.

स्पीड बोट: यह पूरी झील का लगभग 10 मिनट का सफर कराती है. इसमें एक बार में 7 लोग बैठ सकते हैं. इस राइड का टिकट 2000 रुपये है.

लग्जरी बोट: यह 20 मिनट की राइड कराती है, जिसमें एक साथ 8 लोग बैठ सकते हैं. इसका टिकट 2500 रुपये निर्धारित है.

मोटर बोट: मोटर बोट की सैर का समय 15 मिनट है. इसमें भी एक बार में 8 लोग बैठ सकते हैं. इस राइड का किराया 1200 रुपये है.

जेट स्की वाटर स्कूटर: रोमांच पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए जेट स्की वाटर स्कूटर की सुविधा भी उपलब्ध है. इसमें एक समय में केवल एक व्यक्ति झील में राइड का आनंद ले सकता है.

बारिश आती है तो बोटिंग नहीं की जाएगीमानसून के मौसम में चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ियों का मनमोहक दृश्य और झील का शांत वातावरण बोटिंग के रोमांच को कई गुना बढ़ा देता है. यदि आप भी परिवार या दोस्तों के साथ यादगार बोटिंग का अनुभव लेना चाहते हैं, तो अलवर की सिलीसेढ़ झील आपके लिए एक बेहतरीन पर्यटन स्थल साबित हो सकती है. बोटिंग इंचार्ज भगीरथ ने बताया कि पर्यटक सुबह 9 बजे से शाम 6:30 ध्यान रहे अगर तेज बारिश आती है तो बोटिंग नहीं की जाएगी.

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