कोटा के यश सोनी का कमाल! 50 से 700 सेंटर तक पहुंचा स्टार्टअप, हजारों युवाओं को मिला रोजगार

Last Updated:July 10, 2026, 07:05 IST
Kota Startup Success: कोटा के युवा उद्यमी यश सोनी ने ‘एडूविज़न कंप्यूटर साक्षरता मिशन’ के जरिए स्किल डेवलपमेंट में क्रांति ला दी है. 2021 में 50 केंद्रों से शुरू हुआ उनका स्टार्टअप आज देश भर में 700 से अधिक केंद्रों तक फैल चुका है. राजस्थान सरकार के ‘iStart’ प्रोग्राम से मिली मदद ने इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया. यह स्टार्टअप ट्रेनिंग और रोजगार के बीच की दूरी को खत्म कर युवाओं को अंतरराष्ट्रीय नौकरियों के लिए तैयार कर रहा है. कोटा में ही 3000 से ज्यादा युवाओं को शिक्षक प्रशिक्षण देकर उन्होंने एक मिसाल कायम की है.
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Kota: कोटा के युवाओं के लिए अब रोजगार की राह आसान हो गई है. कोटा के एक युवा उद्यमी यश सोनी ने डिजिटल साक्षरता और स्किल डेवलपमेंट (हुनर विकास) के क्षेत्र में एक ऐसी अनूठी पहल की है, जिसने न केवल कोटा बल्कि पूरे देश में अपनी धाक जमा ली है. ‘एडूविज़न कंप्यूटर साक्षरता मिशन’ के नाम से शुरू हुआ उनका यह स्टार्टअप आज सफलता के नए आयाम छू रहा है, जहाँ महज 50 केंद्रों से शुरू हुआ सफर आज 700 से अधिक ट्रेनिंग सेंटर्स के एक विशाल नेटवर्क में तब्दील हो चुका है.
यश सोनी ने साल 2021 में ‘एडूविज़न कंप्यूटर साक्षरता मिशन’ की नींव रखी थी. शुरुआती दौर में आईटी (IT) सेक्टर में चुनौतियों का सामना करने के बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली. उन्होंने ब्यूटी, होटल मैनेजमेंट और टीचर ट्रेनिंग जैसे उभरते हुए सेक्टर्स में स्किल डेवलपमेंट के कोर्सेज शुरू किए. कोचिंग हब के रूप में पहचाने जाने वाले कोटा में पारंपरिक शिक्षा के इतर स्किल डेवलपमेंट के महत्व को समझाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन धीरे-धीरे लोगों ने इस मॉडल को अपनाना शुरू किया और यह एक जन आंदोलन बन गया.
iStart प्रोग्राम से मिली नई उड़ानयश सोनी के इस सफर में अगस्त 2023 एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जब वे राजस्थान सरकार के स्टार्टअप प्रोत्साहन प्रोग्राम ‘iStart’ से जुड़े. इस मंच से मिली गाइडेंस और इन्क्यूबेशन सपोर्ट ने उनके बिजनेस की रफ्तार को कई गुना बढ़ा दिया. यश सोनी का कहना है कि iStart और उनकी समर्पित टीम की मेहनत का ही नतीजा है कि आज पूरे भारत में 700 से ज्यादा सेंटर्स उनके साथ जुड़कर युवाओं को हुनरमंद बना रहे हैं.
ट्रेनिंग और रोजगार के बीच का ‘गैप’ खत्ममार्केट की सबसे बड़ी समस्या को समझते हुए यश सोनी ने एक विशेष एफिलिएशन प्रोग्राम तैयार किया. अक्सर छात्रों को ट्रेनिंग तो मिल जाती थी, पर सही रोजगार नहीं मिलता था. उन्होंने इस कमी को दूर करने के लिए सेंटर्स की कड़ी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की. यहां जो छात्र पहले से ट्रेंड हैं, उन्हें ‘स्किल इंडिया’ के मानकों के अनुसार मॉडिफाई कोर्सेज करवाए जाते हैं, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नौकरियों और वीज़ा फैसिलिटी के लिए योग्य बन सकें.
कोटा ने दिए हजारों हुनरमंद शिक्षकयश सोनी की सफलता का पैमाना इस बात से लगाया जा सकता है कि केवल कोटा जिले में ही उन्होंने 3000 से अधिक छात्रों को ‘टीचर ट्रेनिंग कोर्सेज’ के जरिए प्रशिक्षित किया है. वे अपनी सफलता का श्रेय पूरी तरह से कोटा शहर को देते हैं. उनका कहना है कि उनकी जड़ें कोटा में हैं, इसलिए शहर के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के इस मिशन में उनका 100% जुड़ाव है. यश सोनी अब अपने नेटवर्क को और विस्तार देने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं ताकि देश के हर कोने में युवा आत्मनिर्भर बन सकें.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Kota,Kota,Rajasthan



